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सूदखोरों ने शहर में ऑफिस खोले डेली वेज पर लोगों को बांट रहे रुपए

7 वर्ष पहले
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स्टेशन पर सूदखोरों की रोजाना वसूली

ब्याज पर पैसा देने का व्यवसाय रेलवे स्टेशन, आनंद नगर बिजली ऑफिस, सूरजकुंड कॉलोनी, चंपानगर, रामनगर, संजय नगर, पड़ावा, शकर तालाब, गांधी नगर, कब्रस्तान रोड, संत रैदास वार्ड और रेलवे कॉलोनियों में सबसे ज्यादा होता है। ब्याज पर रुपए लेने वाले लोग छोटी-मोटी नौकरी वाले होते हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर हॉकर और वेंडर भी रोजाना ब्याज पर सूदखोरों से रुपए लेते हैं। रेलवे स्टेशन पर सूदखोर सुबह-शाम ट्रेनों के पास आकर ब्याज की वसूली करते हैं।

भास्कर संवाददाता| खंडवा

मनमानेब्याज पर रुपए बांटने के लिए सूदखोरों ने अपने घर और मुख्य बाजार में ऑफिस खोल लिए हैं। इसमें यदि एक व्यक्ति ने बीस हजार रुपए कर्ज लिया तो उससे रोज के 500 से 600 रुपए वसूले जाते हैं। इसके लिए समय निर्धारित कर रखा है। जिसमें ब्याज की दर भी शामिल है। ब्याज पर रुपए लेने वाले व्यक्ति की रकम पूरी वसूलने के बाद भी तय समय तक रोजाना उतने रुपए देने होते हैं जितने सूदखोर रकम देते वक्त तय करता है।

सूदखोरी की आड़ में नेतागिरी, प्रापर्टी व्यवसाय, टूर एंड ट्रेवल्स, वाहन डीलिंग का ऑफिस खोलकर ब्याज का धंधा चल रहा है। दबंग सूदखोरों पर पुलिस भी हाथ डालने में कतराती है। अगर कोई परेशान व्यक्ति किसी सूदखोर की शिकायत करता भी है तो पुलिस आवेदन लेकर ही समझा देती है। पिछले सप्ताह सूदखोरों से परेशान ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी के लिपिक ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। इसके अलावा संजय नगर में एक सूदखोर ने रुपए नहीं देने पर मारपीट की। शहर में सूदखोरों का लंबे समय से आतंक है। लेकिन पुलिस ने अब तक कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं की।

सरकारीकर्मचारियों के एटीएम और पासबुक जब्त: सूदखोरोंका जाल सरकारी विभागों में भी फैला है। बिजली ऑफिस आनंद नगर, पावर हाउस कहारवाड़ी, रेलवे कर्मचारी और स्टेशन पर काम करने वाले ठेके के कर्मचारी सूदखोरों के जाल में फंसे हैं। रुपए देते समय सूदखोर कर्मचारी का एटीएम और पासबुक अपने पास रख लेते हैं। साथ ही ब्लैंक चेक पर भी हस्ताक्षर करवा लेते हैं। इस तरह कर्जदार के हाथ कट जाते हैं। रुपए नहीं देने की स्थिति में कर्जदार आत्मघाती कदम उठा लेता है।

शिकायतकरें

^सूदखोरोंके डर से लोग पुलिस को शिकायत नहीं करते हैं। कर्ज के दबाव में आकर आत्महत्या जैसे कदम उठाते हैं। सूदखोरों से निपटन