खंडवा। न्यायालय में 8 माह से चल रहा एक्सीडेंट का प्रकरण दोनों पक्षों में समझौते के बाद समाप्त हो गया। एक्सीडेंट में पैर टूटने और इलाज में लगे 1 लाख रुपए भुलाकर पीड़ित ने आरोपी को माफ कर दिया। एक मंदिर एक मस्जिद में 2-2 हजार रुपए दान करने को कहा। समझौता गुरुवार शाम तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 केके गेहलोत की अदालत में हुआ।
पंधाना थाना क्षेत्र में 20 जनवरी 14 को एक्सीडेंट हुआ था। गोलरिया के लखन पिता शंकर भील निवासी वाहन चलाते हुए जा रहा था। शेख शाहरुख (16) पिता जाकिर को टक्कर मार दी। दुर्घटना में शेख जाकिर के हाथ पैर में चोट ली। शेख शाहरुख के मुताबिक इलाज पर एक लाख रुपए खर्च हुए। पुलिस ने प्रकरण बनाकर मार्च में न्यायालय में पेश किया। फैसला दिया जाना था। आरोपी की आर्थिक स्थिति जुर्माना भरने लायक नहीं थी। दोनों पक्षों को समझौता करने के लिए कहा। जज ने पीड़ित शेख जाकिर को समझाईश दी। इसके बाद दोनों पक्ष मान गए। पीड़ित जाकिर ने मंदिर और मस्जित में 2-2 हजार रुपए दान करने को कहा। इसे शंकर भील ने मान लिया।
न्यायालय में चल रहे संदीप गुप्ता और राजेंद्र पाराशर के प्रकरण में शुक्रवार को समझौता हो गया। प्रकरण में दोनों पक्षों की सहमति से राजेंद्र पाराशर को 5 हजार रुपए दादाजी मंदिर में देने का आदेश न्यायधीश ने दिया।
इस प्रकरण में दि निमाड़ एजुकेशन सोसायटी के सीईओ संदीप गुप्ता ने राजेंद्र पाराशर पर मानहानि का प्रकरण लगाया था। करीब एक साल बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
5000 रुपए कराए दादाजी मंदिर में दान।