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शादी के कार्ड पर लिखे सुविचार, अब बनाएंगे पुस्तक

7 वर्ष पहले
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शादीकी पत्रिकाओं के दुरुउपयोग को रोकने और सुविचारों को संग्रहित करने का ऐसा शौक की जहां मिले प्राप्त कर लिखना शुरू कर दे। रमा कॉलोनी निवासी अर्जुनसिंह हिंडौन पूर्व महापौर वीरसिंह हिंडौन के पुत्र हैं। 1982 से लगातार दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित सुविचारों को लिख रहे हैं। 57 साल के श्री हिंडौन ने 34 साल में 2692 सुविचार संग्रहित कर चुके हैं। 251 सुविचार दो डायरी में लिखे है। इसमें चित्र बनाकर लिखे सुविचार 497 अलग है। प्रत्येक सुविचार को लिखने के बाद कार्ड पर नंबर भी लिखते है। \\\"मनुष्य अनासक्त अर्थात बेलाग और नि:स्वार्थ कार्य करते हुए ही प्रभु को पा सकता है। इसमा सबका भला है\\\"। यह सुविचार दिनांक 4 दिसंबर 2014 और कार्ड संख्या नं. 2692अंकित है। संग्रहित सुविचारों को अब पुस्तक का रुप देकर शिक्षण संस्थानों में दान करने की तैयारी में है। श्री हिंडौन वर्तमान में गृह निर्माण विभाग में सहायक के पद पर कार्यरत है।

पुस्तक शिक्षा सस्थानों में करेंगे दान

श्रीहिंडोन ने बताया 34 साल में मैंने तीन हजार दो सौ सुविचार संग्रहित किए हैं। संग्रहित सुविचारों की नकल करके पुस्तक का रुप देंगे। ज्ञान से भरपूर सुविचारों को पुस्तक के माध्यम से शिक्षा संस्थानों में पहुंचाने की सोच है।

सुविचार लिखे शादी के कार्ड को जमाते अर्जुनसिंह हिंडौन।

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जरा हटकर