यूरिया के लिए भटक रहे किसान
रोशनी| रबीफसलों के लिए यूरिया खाद की मारामारी चल रही है। सेवा सहकारी समिति रोशनी यूरिया की पूर्ति नहीं कर पा रही है। किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं। रोशनी में गिने-चुने लाइसेंसी दुकानदारी ही हैं लेकिन कुछ अन्य व्यापारी भी यूरिया का स्टाक कर कालाबाजारी कर रहे हैं। आदिवासी किसानों ने नाम प्रकाशित करने की शर्त पर बताया सोसायटी से रसीद तो सरकारी रेट की दी जा रही है लेकिन 50 रुपए अधिक लिए जा रहे हैं। इस संबंध में समिति प्रबंधक रमेशचंद्र साकल्ले ने बताया आरोप निराधार हैं। यूरिया निर्धारित दर पर ही दिया गया है। यूरिया की कमी तो है। खंडवा में रैक लगते ही तत्काल खाद उपलब्ध कराया जाएगा। ग्राम पटाल्दा रन्हाई के करीब 10 से अधिक किसान यूरिया लेने खंडवा तक पहुंच गए। यहां विपणन संघ गोदाम से पावती पर दो-दो बोरी खाद लेकर गांव पहुंचे। उन्हें निजी वाहन का खर्च भी भोगना पड़ा।
पोखरकलासमिति सहायक द्वारा ज्यादा राशि लेने की शिकायत: खंडवा. छैगांवमाखन ब्लाक के ग्राम पोखरकला के किसानों ने गांव की सेवा सहकारी समिति के सहायक द्वारा यूरिया के दाम 50 रुपए अधिक लेने की शिकायत की है। जिला सहकारी बैंक महाप्रबंधक को लिखित में दी गई शिकायत में किसान रामकृष्ण शिवा, भगवान सीताराम, कुंवर मोतीराम, अनोखी नत्थू आदि ने बताया समिति सहायक ने प्रत्येक किसान को पांच-छह बोरी यूरिया दिया जिसका दाम 350 रुपए वसूला है। जबकि सरकारी दाम 302 रुपए है।