15 साल बाद फिर एक हुए पति-पत्नी
गांजापीने, जुआं खेलने की आदत ने 15 साल पहले घर छुड़वाया। चार बच्चों सहित प|ी पति की आदतों से तंग आकर अलग रहने लगी। प|ी ने दो बेटों एक बेटी की शादी का खर्च भी वहन किया। परिवार की जिम्मेदारी बढ़ी तो प|ी ने पति के खिलाफ न्यायालय में भरण पोषण का केस दायर कर दिया। मामले में जज ने पति,प|ी बच्चों को समझाइश दी। 15 साल पहले अलग हुआ परिवार फिर से एक हो गया।
गुरुवार को न्यायालय में पीठासीन अधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट कमलनाथ जयसिंगपुरे की कोर्ट में मामले में समझौता हुआ। इंदिरा सागर परियोजना सनावद में चौकीदार प्यारसिंह पिता जतनसिंह राजपूत (57) की जुआं खेलने गांजा पीने की आदत के चलते कलाबाई पति प्यारसिंह (50) ने 15 साल पहले दो पुत्रों दो पुत्रियों सहित चार बच्चों के साथ पति को छोड़ दिया और पुनासा रहने लगी। पति से अलग रहने के बाद उसने आंगनवाड़ी में नौकरी कर ली। इस दौरान 25, 27 30 वर्ष के तीन बच्चों की शादी भी की। परिवार पर जिम्मेदारी बढ़ने पर कलाबाई ने 8 माह पूर्व अपने पति प्यारसिंह के खिलाफ 10 हजार रुपए प्रतिमाह भरण पोषण देने का केस न्यायालय में दायर किया। खंडवा न्यायालय में पहले मामला जज गंगाचरण दुबे के पास पहुंचा फिर श्री जयसिंगपुरे की कोर्ट में आया। मामले में गुरुवार को दोनों पक्षों के बयान हुए। पति,प|ी के अलावा चारों बच्चे पूरा परिवार मौजूद था। जज की समझाइश के बाद प्यारसिंह परिवार को साथ रखने के लिए राजी हो गया। उसने कोर्ट में कहा कि छोटी बेटी 20 वर्ष की शादी वह खुद करेगा। मामले में आवेदक की ओर से अधिवक्ता सुनील आर्य अनावेदक की ओर से अधिवक्ता अब्दुल अजीज ने पैरवी की थी।
समझौता