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शहर के सरकारी स्कूलों में पानी ही नहीं, बच्चे कैसे धोए हाथ?
15अक्टूबर को विश्व हाथ धुलाई दिवस है। स्कूलों में बच्चों के हाथ धुलवाए जाएंगे। वह भी जुगाड़ के पानी से। स्कूल के चपरासी, जीजी बाई पानी की व्यवस्था जुटाएंगे। उसके बाद प्राचार्य शिक्षक बच्चों के हाथ धुलवाएंगे। जिला पंचायत के निर्देश के बाद जिला शिक्षा केंद्र हाथ धुलाई का वर्ल्ड रिकार्ड बनाने की तैयारी कर रहा है लेकिन जिन स्कूलों में पानी की व्यवस्था सालों से नहीं है वहां रिकार्ड कैसे बनेगा?
ऐसी है स्कूलों में पानी की स्थिति
सरोजनी नायडू स्कूल
शिक्षकअजीत दुबे ने बताया पानी की व्यवस्था यहां वहां से करते हैं। जीजी बाई पानी लाती है तब बच्चों को पीने का पानी मिलता है।
प्राथमिक स्कूल सूरजकुंड
यहांपर बच्चे घर से पानी लाते हैं। प्रधान पाठिका उषा शुक्ला ने बताया उसी दिन पानी, साबुन और तौलिया की व्यवस्था करेंगे। फिलहाल कार्यक्रम के कोई निर्देश नहीं आए हैं।
अब्बास तैयब उर्दू स्कूल
बाबूलालगंगराडे और अब्बास तैयब उर्दू स्कूल में नल ही नहीं है। प्रधान पाठिका शहला परवीन ने बताया हाथ धुलाई दिवस के दिन पानी की व्यवस्था कर बच्चों के हाथ धुलवाए जाएंगे।
कस्तूरबा गांधी प्राथमिक स्कूल
स्कूलमें नल कनेक्शन है जिसे शरारती तत्वों ने तोड़ दिया। पानी टंकी भी जीर्ण शीर्ण है। जीजी बाई कुएं से पानी लाती है लेकिन बच्चे पानी नहीं पीकर घर से बोतल भरकर लाते हैं। शिक्षिका सुधा डोंगरे ने बताया हाथ धुलाई दिवस पर जीजी बाई से पानी बुलवाएंगे और बच्चों के हाथ धुलवाएंगे।
कस्तूरबा गांधी स्कूल में पानी की टंकी जीर्ण शीर्ण अवस्था में है।
प्राथमिक स्कूल सूरजकुंड में बच्चे घरों से पानी की बोतल लाते हैं।
495 स्कूलों में विश्व रिकार्ड का प्रयास
विश्वहाथ धुलाई दिवस पर जिले के 495 प्राथमिक माध्यमिक स्कूल जहां 100 से अधिक बच्चे हैं वहां विश्व रिकार्ड के लिए वीडियोग्राफी होगी। स्कूल में बच्चों के हाथ धुलवाए जाएंगे। जिसके गवाह दो जनप्रतिनिधि भी होंगे। वीडियोग्राफी में अगर स्कूल नियम शर्तों पर खरा उतरता है तो स्कूल का नाम गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के लिए भेजा जाएगा।
वर्ल्ड रिकार्ड के लिए कराएंगे वीडियोग्राफी
25सितंबर से 19 नवंबर तक स्वच्छ मप्र अभियान चलेगा। विश्व हाथ धुलाई दिवस पर स्कूल गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड तक पहुंचे इसके लिए विभाग द्वारा 100 बच्चों वाली 495 स्कूलों में एक-एक वी