खंडवा। खंडवा-इंदौर सड़क मार्ग मोरटक्का रेलवे क्रासिंग पर शुक्रवार को 9 घंटे बंद रहा। इस कारण इंदौर से खंडवा चलने वाली दो नॉन स्टाप एसी बसें रद्द रहीं। जो वाहन गए उन्हें 12 किमी का अतिरिक्त फेरा लगाकर कोठी होते हुए निकलना पड़ा।
वाहन आधा घंटे देरी से मंजिल तक पहुंचे। कोठी में सकरी सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ने से 9 से शाम 5.30 बजे तक कई बार जाम की स्थिति बनी। आवागमन करने वालों को असुविधा हुई। शाम को क्रासिंग का काम खत्म होने के बाद इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर यातायात सुचारू हो सका। सेक्शन इंजीनियर रब्बानी के मुताबिक पटरी बदलने के कारण क्रासिंग के अंदर की तरफ का पूरा डामर खोदना पड़ा। डामरीकरण किया जाएगा। अगले दो दिन में हो जाएगा। फिलहाल गड्ढो में चूरी डालकर यातायात चालू कर दिया गया है।
साढ़े 8 घंटे में बदले दो ट्रैक : 50 रेलवे कर्मचारियों ने मोरटक्का रेलवे क्रासिंग गेट- नंबर 274 से लगी पटरियों को बदला। 40 मीटर लंबे ट्रैक को बदलने में साढ़े आठ घंटे लगे। निर्धारित समय-सीमा से आधे घंटे पहले ही काम पूरा कर लिया। सेक्शन इंजीनियर एमके रब्बानी ने बताया सुबह 6 बजे से ही 50 मजदूर जुट गए थे। 9 बजे से फाटक बंद कर दिया था।
दो शिफ्टों में बदला ट्रैक : सुबह9 बजे से 1 बजे तक पहले एक पटरी को बदला गया। इस दौरान दूसरे ट्रैक से ट्रेन निकाली। दूसरी पाली में दूसरे ट्रैक की मरम्मत का काम किया। मशीनों की सहायता से पटरियों को ट्रैक पर रखा। अफसरों ने काम की निगरानी की।
मोरटक्का रेलवे गेट का मेंटेनेंस करते रेलवेकर्मी।