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मैं तो पहली बार बाइक से स्कूल आया, प्लीज छोड़ दो!

7 वर्ष पहले
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सरमैं तो पहली बार स्कूटी लेकर स्कूल आया हूं। गाड़ी के कागजात तो हैं लेकिन लाइसेंस नहीं है। आज के बाद कभी बगैर लाइसेंस के गाड़ी नहीं चलाऊंगा। आप मोबाइल पर मेरे पापा से बात कर लो। प्लीज, अंकल मुझे जाने दो।

सेंट जोसफ स्कूल के कक्षा 9वीं के छात्र ने एएसआई प्रतापराव सपकाले से ये गुहार लगाई। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे यातायात पुलिस ने पुलिस लाइन चौराहे और तीन पुलिया के पास चेकिंग से इन मार्गों से गुजरने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। कुछ ओवरलोड ऑटो के चालक दूसरे रास्ते से भाग निकले। अन्य ऑटो चालकों ने तो ओवरलोडिंग कम करने के लिए स्कूली बच्चों को नीचे उतार दिया। कुछ दूर पैदल चलकर बच्चे वापस ऑटो में सवार हो गए। जिन छात्र-छात्राओं के पास लाइसेंस नहीं थे, पुलिस उन्हें अपने साथ थाने ले गई।

100-50लेकर छोड़ दो

एएसआईसपकाले ने खुद के मोबाइल से बारी-बारी से बच्चों की परिजन से बात कराई। सपकाले ने बच्चों से नाश्ता और पानी का पूछा। परिजन ने थाने में हेड कांस्टेबल और एएसआई से कहा साहब पहली बार गलती हुई है। आप कुछ (50-100 रुपए) लेकर गाड़ी छोड़ दो लेकिन पुलिस ने इंकार कर दिया।

15 साल के अंशदीप एमपी-12 एमएल 5001 पर सवार होकर स्कूल से घर जा रहा था। थाने में पिता राजेंदर ने हेड कांस्टेबल से कहा मैं पाटू भैया का भाई हूं। यह कोई तरीका नहीं हुआ। आप लोग सौ विद्यार्थी में से सिर्फ तीन को पकड़ कर लाए हैं।

> एमपी-12 एमजे 7883 का चालक देवांश (16) सेंट जोसफ स्कूल में पढ़ता है। पिता हितेश अग्रवाल ने डीएसपी बीपी सलोकी से हाथ जोड़कर बच्चों को छोड़ने की बात कही। डीएसपी ने कहा नाबालिग को वाहन देने के लिए आप पर भी कार्रवाई हो सकती है।

तीन पुलिया क्षेत्र से नाबालिग वाहन चालकों को लेकर जाते पुलिस जवान।

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