खंडवा। हिंसा की शिकार महिला, युवती, बालिकाओं की सहायता के लिए शहर में निर्भया केंद्र शुरू होगा। यहां एक ही छत के नीचे उपचार, शरण, संरक्षण, सुरक्षा, सहारा और मनौवैज्ञानिक मदद मिलेगी। भवन के लिए जिला अस्पताल परिसर में सीएमएचओ बंगला के पास 3200 वर्गफीट जमीन चिह्नित कर ली है। जिला प्रशासन ने जमीन चिह्नित करके नक्शा खसरा के साथ जानकारी महिला सशक्तीकरण संचालनालय को भेज दी है। बजट और भवन मॉडल मिलने पर पीआईयू से तैयार कराया जाएगा। जनवरी 2015 तक काम शुरू होने की संभावना है। काम पूरा होने में एक साल का वक्त लग सकता है।
अस्पताल में चिह्नित की है जमीन :
^निर्भयाकेंद्र के लिए शासन ने जमीन की जानकारी मांगी थी। जिला अस्पताल में तय करके जानकारी भेज दी गई है। शासन से दिशा-निर्देश मिलने के बाद आगे काम किया जाएगा।^ -एसएस बघेल, अपरकलेक्टर
यह होगा
पुलिस संरक्षण कक्ष।
मेडिकल सहायता कक्ष।
रहने के लिए अस्थाई आश्रम।
विधिक सहायता कक्ष।
मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग कक्ष।
वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष।
तय समय तक आश्रय
हिंसा से पीड़ित महिला को एक ही क्षत के नीचे सभी तरह की सहायता दी जाएगी।
पुलिस पूछताछ, एफआईआर, कानूनी सहायता, जरूरी इलाज का काम महिला कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा।
महिलाओं को गवाही, बयान देने के लिए बहुत जरूरी नहीं होने तक न्यायालय तक नहीं जाना पड़ेगा।
पीड़ित महिला के निराश्रित होने की स्थिति में केंद्र पर ही एक तय समय के लिए आश्रय दिया जाएगा।
सीएस ने किया था जमीन देने से मना : महिला सशक्तीकरण संचालनालय ने जिला प्रशासन को जमीन चिह्नित करने के लिए कहा था। जिला प्रशासन ने सीएस को पत्र लिखकर जमीन तय करने को कहा। इसमें पहली प्राथमिकता जिला अस्पताल प्रांगण को दी गई।
जमीन नहीं होने पर अस्पताल के आसपास अधिकतम 2 किलोमीटर में जमीन तय करना थी। सिविल सर्जन ने अस्पताल में जमीन नहीं होने की बात कही। इसके बाद जिला प्रशासन ने नजूल विभाग से जानकारी मांगी। नजूल विभाग ने अस्पताल में ही जमीन चिह्नित करके दी है।
शहर में खुलेगा निर्भया केंद्र।