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रेलवे ट्रैक के सिलीपाट बेचने पर आरपीएफ ने इंजीनियर को पकड़ा

6 वर्ष पहले
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मीटरगेजरेलवे ट्रैक के पुराने सागौन के सिलीपाट बेचने के आरोप में आरपीएफ ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर कौशिक कुमार को पकड़ा। कर्मचारियों ने साउथ सेंट्रल रेलवे (मीटरगेज) में पदस्थ सीनियर सेक्शन इंजीनियर की आरपीएफ को शिकायत की थी। आरपीएफ ने मामले की जांच करते हुए मंगलवार को सीनियर सेक्शन इंजीनियर को पूछताछ के लिए पकड़ा। इधर, कौशिक कुमार के परिजन एसआई एनपी सिंह की शिकायत लेकर रात 10 बजे कोतवाली पहुंचे।

जांच कर रही आरपीएफ की टीम ने इंजीनियर कुमार के तीन पुलिया स्थित घर पर सुबह से शाम तक पहरा बैठा रखा था। शाम 6 बजे कर्मचारियों एवं कबाड़ियों के कबूलनामे में कुमार का नाम आने पर उन्हें पूछताछ के लिए पकड़ा। आरपीएफ की टीम कुमार को लेकर खंडवा आसपास के क्षेत्रों में कबाड़ी एवं लकड़ी के कारोबारियों के यहां छानबीन करती रही। देर रात तक आरपीएफ के अधिकारी सिलीपाट बिक्री के आंकड़े नहीं जुटा पाए। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर एनपी सिंह ने बताया इंजीनियर कौशिक कुमार लंबे समय से बगैर अनुमति के सिलीपाट बेच रहे थे। इसमें कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं। मामले की जानकारी लगने पर कर्मचारियों एवं सिलीपाट के खरीददारों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने सीनियर सेक्शन इंजीनियर की अनुमति से अवैध तरीके से सिलीपाट बेचे जाने की बात कबूली। सिलीपाट की खरीदी- बिक्री में सेक्शन इंजीनियर सहित दो दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं। मामले की जांच कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

चारसाल से खंडवा में पदस्थ सेक्शन इंजीनिय-सीनियर सेक्शनइंजीनियर कौशिक कुमार 2011 में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर पदस्थ हैं। आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर एनपी सिंह एक साल से मीटरगेज के आरपीएफ थाने का प्रभार संभाल रहे हैं।

मीटरगेज ट्रैक के सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्यालय में कर्मचारी कागजात जमाते हुए।

^सेक्शन इंजीनियर द्वारा सिलीपाट को बगैर अनुमति बेचे जाने की शिकायत मिली थी। अधिकारी एवं कर्मचारी के साथ सिलीपाट के खरीददारों से पूछताछ की जा रही है। जांच बाद गिरफ्तारी घपले का खुलासा करेंगे। एनपीसिंह, एसआई, आरपीएफ थाना, मीटरगेज

इंजीनियर-एसआई में झगड़ा होने पर सामने आया मामला

रेलवेसूत्रों की मानें तो सिलीपाट बेचने का मामला सेक्शन इंजीनियर और आरपीएफ की मिलीभगत से चल रहा था। पैसे के बंटवारे को लेकर सीनियर सेक्शन इंजीनियर और आरपीएफ के अधिकारियों के बीच झगड़ा हुआ। सिलीपाट के रखरखाव का काम सीनियर सेक्शन इंजीनियर का है। ट्रैक मेंटेनेंस में सागौन के सिलीपाट निकालकर लोहे और कांक्रीट के लगाए। पुराने सिलीपाट सेक्शन इंजीनियर ने कर्मचारियों की मदद से बिना टेंडर के बेच दिए।