खंडवा/नई दिल्ली । एक साल पहले खंडवा जेल से फरार हुए सिमी के आतंकी देश में बड़े हमले की फिराक में हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उन्हें हमले के निर्देश दिए हैं। भारत की खुफिया एजेंसियों ने यह आशंका जारी की है। इस आधार पर देशभर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर शहर के जाटान मोहल्ला में 12 सितंबर को मकान में हुए ब्लास्ट के बाद सिमी आतंकियों की पहचान हुई थी। यहां से वे घायल साथी को लेकर फरार हो गए थे। इधर खंडवा के गणेशतलाई से आतंकी मेहबूब उर्फ गुड्डू की मां नजमा भी लापता है। बताया जा रहा है कि वह अपने बेटे के साथ कहीं छिपी हुई है।
खुफिया एजेंसियां की रिपोर्ट के अनुसार फरार होने के बाद आतंकियों का संपर्क आईएसआई, लश्कर और अलकायदा से हुआ। आईएसआईके निर्देश पर ये आतंकी
जम्मू-कश्मीर के अलावा दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक को निशाना बनाने की तैयारी में हैं।
जिला जेल से 30 सितंबर की रात 2 से 2.30 बजे के बीच जेल की दीवार कूदकर सिमी के आतंकी फरार हुए थे। आतंकी अबू फैजल निवासी अंधेरी वेस्ट मुंबई, शेख मेहबूब उर्फ गुड्डू पिता शेख इस्माइल,अमजद उर्फ दाउद पिता रमजान खान, असलम उर्फ बिलाल पिता अय्यूब जाकीर हुसैन उर्फ सादिक पिता बदरूल हुसैन निवासी गणेश तलाई एजाजुद्दीन पिता अजीजउद्दीन निवासी नरसिंहपुर करेली फरार हो गए थे। मप्र एटीएस ने 24 दिसंबर 13 को बड़वानी जिले के सेंधवा पठार के पास अबू फैजल को दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन पांच आतंकी अब भी फरार है।
मेहबूब की मां खंडवा से लापता : पश्चिम उत्तर प्रदेश के बिजनौर के जाटान मोहल्ला में 12 सितंबर को हुए बम ब्लास्ट में खंडवा जेल से भागे सिमी के पांच आतंकियों में मेहबूब उर्फ गुड्डू निवासी गणेश तलाई विस्फोट में जल गया था। विस्फोट के बाद से मेहबूब की मां नजमा लापता है। मामले में खुफिया एजेंसी जांच कर रही है। लेकिन मेहबूब की मां का भी पता नहीं चल पाया। समझा जाता है कि वह अपने बेटे के साथ छिपी है। सिमी के फरार आतंकियों को पुलिसकर्मियों की हत्या, बैंक डकैती और दंगे भड़काने के आरोप में सजा हुई थी।
उरीके आतंकियों को भी दी ट्रेनिंग नई दिल्ली.
जम्मू-
कश्मीर के उरी सेक्टर में पिछले दिनों हुए आतंकी हमले के पीछे आईएसआई का हाथ था। उसके ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारियों ने लश्कर और अलकायदा के 20 आतंकियों के आत्मघाती दस्ते को प्रशिक्षण दिया था। इन्हें रावलपिंडी और मुजफ्फराबाद के कंट्रोल रूम में छह दिनों तक रखा गया था। प्रशिक्षण जीपीआरएस के जरिए नए रास्ते तलाशने और उसके जरिए घुसपैठ करने के बारे में था।
दो युवकों को 15 दिन बाद छोड़ा एटीएस ने : जेल से फरार सिमी आतंकियों से जान-पहचान रखने वाले खंडवा के दो युवकों को मप्र की एटीएस 15 दिन पहले सिविल लाइन से उठाकर गुप्त स्थान पर ले गई थी। मामले में युवकों के परिजन ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। दोनों ही युवक 15 दिन बाद लौट आए। युवकों के अनुसार मप्र की एटीएस उन्हें जेल से फरार आतंकियों के बारे में पूछताछ के लिए उठाकर ले गई थी।