पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बच्चों को मार्शल आर्ट सिखाने लगी दुष्कर्म की शिकार नेशनल खिलाड़ी

बच्चों को मार्शल आर्ट सिखाने लगी दुष्कर्म की शिकार नेशनल खिलाड़ी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
खंडवा। पहले दुष्कर्म फिर घर वालों के तिरस्कार के बाद फुटपाथ पर अवसाद में जी रही मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट नेशनल चैंपियन फिर उठ खड़ी हुई है। 4 दिसंबर को भास्कर में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद स्वयंसेवी संस्था ने उसे सहारा दिया। उसे हिम्मत बंधाई। शहर के साथ ही इंदौर एवं आसपास के जिलों के लोग सहायता के लिए तैयार हैं। चैंपियन ने खुद भी हौंसला नहीं खोया। अब यह खिलाड़ी यहां के अनाथ और मजबूर बच्चों को कराते की ट्रेनिंग दे रही है। उसका कहना है अब घर नहीं जाएगी। यहीं रहकर बच्चों को प्रशिक्षण देने के साथ ही नेशनल चैम्पियनशिप की फिर तैयारी करेगी।

पीड़िता को ढूंढते रहे विभाग और सामाजिक संस्थाएं : खबर प्रकाशित होने के बाद सामाजिक संस्थाएं, महिला सशक्तिकरण विभाग, खेल एवं युवक कल्याण विभाग ने भी युवती की तलाश की। सामाजिक संस्था आस्था वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष सुहाषिनी शुक्ला और टीम ने उसे हरसूद में ढूंढ निकाला। युवती ने इच्छा जाहिर की कि यदि उसे भोजन और रहने को जगह मिल जाए तो वह अनाथ और मजबूर युवतियों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दे सकती है। इसके बाद संस्था अध्यक्ष युवती को अपने साथ खंडवा ले आईं। अब वह युवतियों के लिए ढाल बन गई है। हरसूद रोड के बाल सखा में पीड़ित युवती सुबह-शाम बच्चों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दे रही है।

यह है मामला - मूल रूपसे हरदा की रहने वाली इस खिलाड़ी के साथ उसके ही शिष्य ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। मामला उजागर होते ही घर वालों ने उसे निकाल दिया। युवती ने आरोपी को खिलाफ केस दर्ज कराया। बेसहारा खिलाड़ी फुटपाथ पर जीने को मजबूर हो गई थी।
पांच-पांच रुपए मांगकर पहुंची थी कोर्ट : 22 वर्षीय पीड़िता ने बताया खंडवा कोर्ट में पेशी पर उपस्थित होने के लिए उसके पास एक रुपया नहीं था। हरसूद में अपनी जान पहचान वालों से पांच-पांच रुपए मांगकर 40 रुपए एकत्र किए और बस से खंडवा आई। यहां दिनभर भूखी रही। कोर्ट में एक व्यक्ति ने 50 रुपए दिए। जैसे-तैसे कुछ खाया और वापस हरसूद चली गई। दो दिन तक भूखी रही।
- फुटपाथ पर बसर कर रही खिलाड़ी ने नए सिरे से शुरू किया जीवन।
( बाल सखा में कराते सिखाती नेशनल चैंपियन। )