सूदखोर बलजीत और अशोक के खिलाफ केस
पीडब्ल्यूडीके बाबू के जहर खाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने सोमवार को सूदखोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। कार्रवाई की भनक लगते ही दोनों सूदखोर शहर छोड़कर भाग गए और अग्रिम जमानत की तैयारी में लगे हैं। घटना के बाद सूदखोरों ने बाबू को खूब धमकाया लेकिन उनकी कोशिश काम नहीं आई। पीडब्ल्यूडी के बाबू सुखराम पिता रोना सिलाले निवासी रामनगर ने सूदखोर बलजीतसिंह पिता जोगिंदरसिंह छाबड़ा निवासी पंजाब कॉलोनी से 20 हजार रुपए और अशोक किराना वाले से 12 हजार रुपए 10 प्रतिशत ब्याज की दर से लिए थे। ब्याज सहित रुपए लौटा देने के बाद भी सूदखोरों ने ब्लैंक चेक के आधार पर बाबू के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण लगाया। न्यायालय की कार्रवाई और सूदखोरों की धमकी के बाद बाबू ने जहर खा लिया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 384 सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।
एक सप्ताह में दो मामले में प्रकरण दर्ज
सूदखोरमामले में एसपी के दबाव के बाद कोतवाली प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने प्रकरण तो दर्ज कर लिया लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर सके। दोनों ही मामलों में आरोपी मामला दर्ज होने के बाद से फरार हो गए। पहला मामला बमनगांव में 4 दिसंबर को हुआ यहां रवि पिता किशोर (27) सूदखोर विकास उर्फ छोटू मिश्रा की दहशत के कारण जहर खा लिया था। दूसरा मामला 6 दिसंबर की शाम रामनगर में पीडब्ल्युडी के बाबू सुखराम सिलाले ने जहर खा लिया। विकास मिश्रा के पिता पुलिस अधिकारी बताए जा रहे है। दूसरे के आरोपी बलजीत और अशोक की नेताओं से पकड़ है।
^सूदखाेरों से परेशान लोग सीधे एसपी ऑफिस आकर शिकायत कर सकते है। कोई भी परेशान व्यक्ति सूदखोरों या अन्य बदमाशों ने डरे नहीं हमें शिकायत करें। मामले की जांच कर कार्रवाई करेंगे। आत्महत्या जैसे कदम उठाएं।^ -एसएससिकरवार, एसपी