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- हमने कहा अरे बचो सामने ट्रक है, टक्कर से 25 फीट तक घिसटती गई पिकअप
हमने कहा अरे बचो सामने ट्रक है, टक्कर से 25 फीट तक घिसटती गई पिकअप
एक साथ उठी 10 अर्थियां
कोदलाजागीर गांव में सोमवार को एक साथ 10 अर्थियां उठी। बच्चों और युवाओं की लाश देख पूरा गांव बिलख उठा। ट्रक और पिकअप की टक्कर में इच्छापुर-इंदौर स्टेट हाइवे पर 6 नाबालिग सहित 4 युवकों की मौत हो गई।
सेामवार को जिला अस्पताल खंडवा में पीएम के बाद शव लेकर परिजन सुबह 10 बजे गांव पहुंचे। एक ही मोहल्ले के छह बच्चों और चार युवाओं की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया। गांव में मृतकों का शव पहुंचते ही हाहाकार मच गया था। भील और भिलाला समाज की बस्ती में चारों ओर केवल रोने की आवाज सुनाई दे रही थी। मासूम बच्चों की मां और अपने पति को खो देने वाली महिलाओं की करुण पुकार ले दिल दहला दिया। प्रशासन की मदद से गांव के लोगों ने एक ही चिता पर 10 शवों का लिटाकर अंतिम संस्कार किया। मौत के इस मंजर को देखने वाले गांव में सोमवार के दिन एक भी घर का चूल्हा नहीं जला।
गांव में मौत के बाद विलाप करती महिला।
एक ही चिता पर 10 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरा गांव उमड़ पड़ा। लोगों की आंखें नम हो गई।
छोटे ने दम तोड़ा, मां बुरा हाल
मंगलपिता नन्नू खतवासे (17) की मौत ने परिवार को हिला कर रख दिया। कक्षा 9वीं के छात्र मंगल एक बहन और दो भाईयों में सबसे छोटा था। मंगल की मां रेखाबाई और उसके बडे़ भाई का रोकर बुरा हाल है। मां बार -बार बेटे को आवाज दे रही है।
गोविंद की मौत, चचेरे भाई गंभीर
गोविंदपिता राकेश खतवासे (15) की हादसे में मौत हो गई। गोविंद तीन बहनों का इकलौता भाई था। वह 6वीं में पढ़ता था। गोविंद के पिता राकेश और मां तुलसाबाई मजदूरी कर परिवार पालते है। गोविंद के साथ ही गरबा करने गए बडे़ पिता प्रकाश खतवासे के बेटे रितेश और अरुण घायल होने के कारण खंडवा अस्पताल में भर्ती है।
विजय के बेटे को देख आंसू पोछे
विजयपिता आनंदराव (25) की तीन साल पहले शादी हुई थी। एक साल बेटा है। पिता की मौत से अंजान मासूम जय परिजन की गोदी में खेल रहा था। जय की मासूमियत देख विजय के पिता आनंदराव एवं प|ी रेखा बाई ने आंसू को पोछ लिया। आंखों से बंद आंसू के बाद भी दिल की तड़प प|ी, पिता और मां के चेहरे दिख रही थी।
गाड़ी चलाकर घर खर्च जुटाता था सुनील
दीपेंद्र(सुनील) पिता फत्तू बारे (18) एक निजी स्कूल की गाड़ी चलाकर घर खर्च चलाता था। सुनील से बड़ा एक भाई और एक बहन है। 10वीं की प