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- 21 साल, 40 हजार भक्त; 4 हजार करोड़ नम: शिवाय मंत्र जमा कर बनाया रिकार्ड
21 साल, 40 हजार भक्त; 4 हजार करोड़ नम: शिवाय मंत्र जमा कर बनाया रिकार्ड
9 बेटियों ने एक साल में 1.80 लाख रु. जमा कर पिता को हज पर भेजा
ऐसे हुई शुरुआत : 21साल पहले महाराजश्री ओंकारेश्वर आए। यहां ट्रस्ट बनाया। फिर नम: शिवाय मंत्र लिखकर एकत्र करने लगे। भक्त भी जुड़ गए। स्वामीजी ने संकल्प लिया है कि वे मंत्र बैंक में 84 हजार करोड़ मंत्र संग्रह करेंगे।
मंत्र संग्रहण का तीन मंजिला पहाड़
आश्रममें 21 साल से मंत्र संग्रहित हो रहे हैं। यहां 20x10 वर्ग फीट के दो हाल मंत्रों से खचाखच भरे हैं। आश्रम प्रांगण, मंदिर परिसर में भी जगह-जगह मंत्र रखे हैं। इन्हें यदि एक स्थान पर एकत्र किया जाए तो तीन मंजिला पहाड़ खड़ा हो जाता है।
84 हजार करोड़ है लक्ष्य
84 हजार करोड़ लिखित नम: शिवाय मंत्र संग्रह करने का लक्ष्य है। यह काम 1994 में गुरु पूर्णिमा से अनवरत चल रहा है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के भारतीय प्रतिनिधि डॉ.मनीष विश्नोई आश्रम आए थे। उन्होंने इसे नवीन विश्व रिकार्ड के रूप में मान्य किया है।। -स्वामी शिवोऽहम भारती महाराज, संस्थापक,नम: शिवाय मिशन ट्रस्ट, ओंकारेश्वर
भास्कर न्यूज | खंडवा
ओंकारेश्वर के नम: शिवाय मिशन ट्रस्ट का मंत्र बैंक अदभुत बन गया है। बैंक के 40 हजार भक्तों ने 21 साल में 42871355680 बार मंत्र नम: शिवाय लिखकर जमा कराए। मंत्रों के इस संग्रह ने विश्व रिकार्ड बना लिया। अमेरिका की संस्था गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड 8 अक्टूबर को आश्रम में भव्य समारोह कर मिशन के संस्थापक स्वामी शिवोऽहम भारती महाराज को गोल्ड मेडल से सम्मानित करेगी। इसके साथ ही बुक में यह उपलब्धि विश्व रिकार्ड के रूप में दर्ज हो जाएगी। अभी तक बुक में अहमदाबाद के स्वामी नारायण संप्रदाय का एक हजार करोड़ मंत्र संग्रहण वर्ल्ड रिकार्ड के रूप में शामिल है। ओंकारेश्वर के नम: शिवाय मिशन ट्रस्ट ने इस रिकार्ड को तोड़ दिया है। शेषपेज 14
अफजल तड़वी | बुरहानपुर
बेटियांबेटों से कम नहीं होती। यह सच साबित किया है शाहपुर के युसूफ मौलाना की नौ बेटियों ने। बेटा नहीं था लेकिन कभी कमी खलने नहीं दी। गुरुवार को पिता को हज पर भेजकर जीवन का सबसे बड़ा तोहफा दिया। 9 में से एक बहन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और दूसरी शिक्षिका है। सभी बहनों के पति मजदूरी करते हैं। बेटियों ने कम कमाई के बावजूद सालभर में 1.80 लाख रुपए जमा कर पिता को हज यात्रा पर भेजा। शाहपुर के युसूफ मौलाना जामा मस्जिद में पेश इ