खंडवा| पूर्व मुख्यमंत्री पंडित भगवंत राव मंडलोई की जयंती 10 दिसंबर को है। जयंती की पूर्व संध्या पर घंटाघर बगीचे में लगी उनकी प्रतिमा अंधेरे में रही। इतना ही नहीं निगम ने प्रतिमा के आसपास सफाई भी नहीं करवाई।
जीवन परिचय : श्री मंडलोई का जन्म 10 दिसंबर 1892 को हुआ था। उनके पिता का नाम पं.अन्नाभाऊ मंडलोई और माता का नत्थूबाई मंडलोई था। उन्होंने मैट्रिक की शिक्षा सागर, बीए जबलपुर और एलएलबी इलाहबाद से किया था। 1917 में वकालत शुरू की। 1919 से 1922 तक नगर पालिका के सदस्य, 1922 से 1925 तक नगर पालिका उपाध्यक्ष, 1925 से 1933 एवं 1944 से 1948 तक अध्यक्ष रहे। 1939 में व्यक्तिगत सत्याग्रह, 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भाषण देते हुए घंटाघर चौक से ही गिरफ्तार हुए थे।
1947 में संविधान निर्माण सभा के सदस्य रहे। पुराने और नए मध्यप्रदेश में 1936 में एमएलसी, सन् 1947, 1952, 1957 एवं 1962 में कांग्रेस के विधायक एवं राजस्व, खाद्य-आपूर्ति, स्थानीय शासन, शिक्षा एवं उद्योग विभाग में मंत्री रहे। 1962 में पंडित रविशंकर शुक्ल के निधन के बाद कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने। 1970 में राष्ट्रपति ने उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया।