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जल, बिल्व पत्र पर रोक, भोग आरती का समय भी घटाने का आदेश
भास्कर न्यूज | ओंकारेश्वर (खंडवा)
महाशिवरात्रिपर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग पर तीन दिन जल, पुष्प और बिल्वपत्र चढ़ाने पर प्रतिबंध और भोग आरती का समय घटाने के विरोध में पंडा संघ उतर आया है। इस आशय का पत्र मंदिर संस्थान को मिला है। यह पत्र कलेक्टर द्वारा जारी किया गया है। पंडा संघ ने इस प्रतिबंध का विरोध करते हुए मंदिर संस्थान के प्रबंधक ट्रस्टी को ज्ञापन देकर आदेश निरस्त करने की मांग की है।
पंडा संघ अध्यक्ष पं.ब्रह्मानंद शर्मा ने बताया जल और बिल्वपत्र शिव को प्रिय हैं। महा शिवरात्रि के दिन देशभर से हजारों श्रद्धालु इसी कामना से तीर्थनगरी आते हैं। नर्मदा परिक्रमावासी भी नर्मदा जल चढ़ाकर परिक्रमा का समापन करते हैं। जल चढ़ाने पर प्रतिबंध से ऐसे हजारों-लाखों भक्तों की भावनाएं आहत होंगी। दूर दराज से मुसीबत झेलकर श्रद्धालु चारों पहर मंदिर खुला रहने से दर्शन-पूजन की भावना लेकर आते हैं। उनका जल बिल्व-फूल ही नहीं चढ़ेगा तो उनकी भावनाएं आहत होंगी और तीर्थनगरी आना ही व्यर्थ हो जाएगा।
कलेक्टर से फोन पर की चर्चा
पंडासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर महेश अग्रवाल से दूरभाष पर चर्चा कर अपनी मांग और भावनाओं से अवगत कराया। श्री अग्रवाल ने इसके लिए पुनासा एसडीएम से चर्चा करने को कहा है। प्रबंधक ट्रस्टी राव देवेंद्रसिंह ने कहा आपकी भावनाओं से कलेक्टर को अवगत करा देंगे। मेरी निजी राय में महा शिवरात्रि पर भगवान शिव को जल तो चढऩा ही चाहिए।
महाशिवरात्रि पर कई भक्त हरिद्वार से कावड़ में जल भरकर तीर्थनगरी आते हैं। उनका प्रण रहता है कि जब तक ज्योतिर्लिंग पर गंगा जल नहीं चढ़ा दें तब तक बैठेंगे नहीं। तीन दिन इस पर प्रतिबंध रहने से उन्हें खड़ा रहना पड़ेगा। ऐसे में उनकी पीड़ा समझी जा सकती है।