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बच्चे नहीं मिले तो सालभर में बंद करना पड़े 21 सरकारी स्कूल

6 वर्ष पहले
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बड़ाबम स्थित लाला लाजपतराय स्कूल का जर्जर भवन। स्कूल अब बंद हो गया है।

विद्यार्थियों की संख्या कम होने से समीप के स्कूलों में मर्ज किए

एजुकेशनरिपोर्टर|खंडवा

सालभरमें जिले के 21 सरकारी स्कूल बंद हो गए। इन स्कूलों में बच्चों की संख्या कम थी। ऐसे में शिक्षा विभाग ने बालक और कन्या स्कूल को बंद कर नया स्कूल खोल दिया, जिसमें इन दोनों स्कूलों के विद्यार्थियों को मर्ज कर दिया। शिक्षा सत्र 2013-14 में शासन के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने जिले के प्राथमिक माध्यमिक विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार के लिए यह प्रयोग किया है।

शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2013-14 में जिले के 18 प्राथमिक, 3 माध्यमिक स्कूलों को बंद किया। जिनमें खंडवा ब्लाक के चार स्कूल वल्लभभाई पुरुषार्थी बालक कन्या प्राथमिक विद्यालय, बालक कन्या प्राथमिक विद्यालय गोकुलगांव, बालक कन्या प्राथमिक विद्यालय बड़गांवगुजर और बालक कन्या प्राथमिक विद्यालय बमनगांव आखई में मर्ज किए। प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों को बंद करने के बाद विभाग ने नए स्कूल खोले। जिनमें शास. प्राथमिक विद्यालय भंडारिया, शास. प्राथमिक विद्यालय संजय नगर, शास. प्राथमिक विद्यालय संतोषी माता वार्ड इंदौर नाका, शास. प्राथमिक विद्यालय चमारवाड़ी ग्राम धरमपुरी में नए प्राथमिक विद्यालय खोला। जिले में 1153 प्राथमिक 492 माध्यमिक स्कूल हैं। इनमें से अकेले खंडवा ब्लाक में 164 प्राथमिक 77 माध्यमिक स्कूल हैं।

स्थितिमें हुआ सुधार

^एकही परिसर में दो भवनों में अलग-अलग बालक और कन्या विद्यालय चल रहे थे। दोनों में बच्चों की दर्ज संख्या कम और शिक्षक ज्यादा हो रहे थे। दोनों स्कूलों को मर्ज कर दिया है। इससे स्कूलों में बच्चों की दर्ज संख्या बढ़ गई और शिक्षकों की कमी भी दूर हो गई। अब उन स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार देखा जा रहा है। -पीएससोलंकी, डीपीसी, जिला शिक्षा केंद्र