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शहर के दस हजार घरों में नौकर, पुलिस रिकार्ड शून्य

6 वर्ष पहले
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शहरमें करीब 10 हजार घरेलू नौकर हैं इनका कोई रिकार्ड थानाें में नहीं हैं। लोगों ने नौकर तो रख लिए हैं उनकी जानकारी थानों में नहीं दी है। पुलिस प्रशासन ने भी कभी नौकरों का वैरीफिकेशन कराने के लिए सख्ती नहीं दिखाई है। अधिकांश अफसरों, व्यवसायियों के यहां घरेलू नौकर और चौकीदार काम कर रहे हैं। शहर में 42 हजार मकान हैं। इनमें से करीब 10 हजार मकानों दुकानों में नौकर काम कर रहे हैं।

संतोषी नगर में रविवार रात चौकीदार द्वारा मकान में चोरी करवाने के बाद भास्कर ने घरेलू नौकर के पुलिस वैरीफिकेशन की पड़ताल की तो चौंकाने वाला तथ्य मसाने आया है। दोनों थानों में नौकरों का कोई रिकार्ड नहीं है। शहर के किसी भी शख्स ने अपने नौकर-चौकीदारों की सूचना थाने में नहीं दी। मकान मालिकों ने अपने स्तर पर उनका वेरिफिकेशन भी नहीं कराया।

अनुमान के हिसाब से शहर की सवा दो लाख आबादी के 42 हजार मकानों 10 हजार से ज्यादा घरेलू नौकर काम कर हैं। जिनकी जानकारी पुलिस को देना आवश्यक है। पर ऐसा नहीं हुआ है। घरेलू नौकर का वैरीफिकेशन नहीं होने से वारदात होने की सूरत में आरोपियों का पता लगाना मुश्किल हो जाएगा।

थानेमें जानकारी देना दस मिनट का काम

अपनेकिराएदार या नौकर की जानकारी थाने में देने के लिए बस दस मिनट लगते हैं। इससे जान-माल और खुद की सुरक्षा हो जाती है। लगातार हो रही वारदात के बाद भी लोग इसे लेकर गंभीर नहीं हुए हैं। किराएदार या नौकर को रखने से पहले उसके मूल निवास प्रमाणपत्र, परिचय पत्र, दो पासपोर्ट फोटो, मोबाइल नंबर, दो गवाहों के नाम पुलिस द्वारा दिए गए फार्मेट के साथ जमा कर सकते है।

फैक्ट फाइल

{शहर की आबादी सवा दो लाख

{ शहर में 42 हजार मकान

{ 10 हजार नौकर (अनुमानित)

{ 02 थाने, घरेलू नौकरों का रिकार्ड शून्य

{ शहर में प्रति वर्ष अपराध की संख्या करीब 1500

पुलिस से नौकर का चरित्र सत्यापन कराएं

घरेलूनौकर, किराएदार का चरित्र सत्यापन नजदीकी पुलिस थाने से कराएं। अपने आर्थिक मामलों अथवा रुपए-पैसे के लेन-दने से संबंधित चर्चा राहगीर या नौकरों के सामने करने से बचंे। मूल्यवान जेवरात आदि बैंक लॉकर में सुरक्षित रखें। घरेलू नौकर के साथ मानवीय व्यवहार करें। मैकेनिक, सफाईकर्मी एवं सेल्समैन आदि का पहचान पत्र देखने के बाद ही घर में प्रवेश करने दें। जरूरी हो तो घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाएं। अकेले रहने वाले बुजुर्ग अपने पड़ोस या हाऊसिंग सोसायटी को अवश्य सूचना दें।

नौकरों-किरायदारोंकी सूची करेंगे अपडेट

^किराएदारोंघरेलू नौकरों की सूची अपडेट करेंगे। पिछले साल अभियान में दोनों थाना क्षेत्रों में करीब एक-एक हजार किराएदारों के नाम आए थे। अभियान को पुन: शुरू करेंगे। इस बार घरेलू नौकरों की सूची तैयार की जाएगी। -गोपालखांडेल, एएसपी

जानकारी देना इसलिए जरूरी

शहर में पिछले पांच साल में हुई चोरी और लूट की बड़ी वारदातों में आरोपियों का पता लगाने में पुलिस नाकाम रही है। वारदात के बाद पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगे। सराफा व्यवसायी राजेश जैन अपहरणकांड के साथ ही शहर में यूपी और बिहार के बदमाशों की घुसपैठ तेज हुई है। ग्वालियर का शार्प शूटर हरेंद्र राणा गैंग का हरेंद्र और उसके साथी भी यहां पर कुछ माह पहले फरारी काट चुके है। सिमी से जुड़े लोगों ने भी खंडवा में शरणस्थली के रूप में रह चुके है।