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पाइप लाइन में हजार लीकेज

6 वर्ष पहले
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खंडवा। रख रखाव के नाम पर खानापूर्ति करने के चलते शहरभर की पेयजल पाइप लाइनों में 1000 जगह लीकेज हो चुके हैं। विश्वा ने छह महीने पहले निगम को 750 स्थानों पर लीकेज की जानकारी दी थी। सूत्रों के अनुसार यह आंकड़ा अब बढ़कर करीब 1 हजार पर पहुंच गया है।
इससे सप्लाई का 40 फीसदी यानी 9.6 एमएलडी (96 लाख लीटर) पानी सड़कों पर बह रहा है। खास बात यह है कि सुधार को लेकर तकनीकी उपाय करने के बजाए निगम का अमला जुगाड़ से काम चला रहा है। लिहाजा कुछ ही दिन में स्थिति जस की तस हो जाती है।

कई जगह साइकल के पुराने ट्यूब से लीकेज बंद किए जाते हैं। लीकेज जोड़ने के लिए निगम के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। 50 वार्ड में पांच सुपरवाइजर और पांच कर्मचारी लीकेज जोड़ने के लिए हैं। डी-ज्वाइंट, शेडल, सीसा, ग्लान रस्सी भी जरूरी मात्रा में नहीं है।

सड़कों पर करीब 96 लाख लीटर पानी रोज बह रहा है। इतने पानी से 96 हजार लोगों के पानी की जरूरत पूरी की जा सकती है। इतना पानी बहने के बावजूद जिम्मेदार लापरवाह बने हैं। पर्याप्त पानी होने के बावजूद लोग आज भी कई क्षेत्रों में समस्या से जूझ रहे हैं। गर्मियों में यह और बढ़ जाती है। इसका मुख्य कारण जल वितरण व्यवस्था ठीक नहीं होना है। 2 साल पहले तक सुक्ता से मिलने वाले 10 एमएलडी से ही शहर में आपूर्ति हो जाती थी। वर्तमान में 24 एमएलडी यानी 2 करोड़ 40 लाख लीटर पानी पाइप लाइन से सप्लाई किया जा रहा है।

कुंडलेश्वर वार्ड में फूटी पाइप लाइन से पानी बह रहा है। ऐसे ही हालत शहर में करीब एक हजार स्थान पर हैं।

यह हो रहा असर

कई क्षेत्रों में पाइप लाइन होने के बावजूद पानी नहीं पहुंच रहा। {पानी कम प्रेशर से मिल रहा। लीकेज के कारण नाली का पानी पाइप में मिलता है। लोगों को गंदा पानी मिलता है।

पार्षद का रिश्तेदार बताकर अवैध कनेक्शन लिया

राजनीतिक संरक्षण के चलते शहर में अवैध कनेक्शन भी बढ़ रहे हैं। कर्मचारी भी अपने स्वार्थ के कारण अवैध नल कनेक्शन कर देते हैं। सबसे अधिक अवैध नल कनेक्शन पदमकुंड वार्ड में है। सोमवार शाम इस वार्ड में एक व्यक्ति ने खुद को पार्षद का रिश्तेदार बता अवैध नल कनेक्शन लिया। इसके लिए गली के ब्लॉक भी उखाड़ दिए। शहर में अन्य जगहों पर भी इस तरह रौब झाड़कर कनेक्शन लिए जा रहे हैं।

शहर में जहां भी पाइप लाइन लीकेज है, उसे सुधरवाएंगे। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। एसआर सोलंकी, आयुक्त

लाइनों से पानी नहीं बहने देंगे। तकनीकी रूप से कुछ समस्या है। निराकरण करके लाइनों के लीकेज सुधरवाएंगे। अमरयादव, प्रभारी सदस्य जल एवं सीवरेज विभाग

निगम अंतरिम रूप से पानी सप्लाई कर रहा है। हम तो सिर्फ टंकी तक पानी पहुंचाते हैं। पुरानी लाइनें खराब होने से पानी लीकेज हो रहा है। प्रवीणकुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर विश्वा यूटिलीटिज कंपनी।