400 बच्चों को सिखा दिया कम्प्यूटर बनाना
14 साल पहले बच्चों से ही मिली प्रेरणा
रेल अफसर की जिद ने 400 बच्चों को कम्प्यूटर असेम्बल करना सिखा दिया। वह भी फ्री में। 5 साल पहले शुरू हुआ यह सिलसिला आज भी जारी है।
कम्प्यूटर असेम्बल (सिखाने) करने का यह जुनून जंक्शन के स्टेशन उप प्रबंधक अरविंद साहा को है। उन्होंने चिड़िया मैदान के रेलवे क्वार्टर में एक छोटी-सी कम्प्यूटर लैब बनाई है। जिसमें प|ी सीमा और बेटी सौम्या, सोनल भी भरपूर सहयोग करती हैं। अब पूरा परिवार मिलकर बच्चों को फ्री में कम्प्यूटर के अलग-अलग सर्किट जोड़ना सिखाता है। उनके द्वारा महाराष्ट्र के जलगांव, भुसावल, नासिक, कानपुर, भोपाल, इंदौर समेत कई जगह के बच्चे कम्प्यूटर असेम्बल करना सिख चुके हैं। श्री सोहा 11 ज्योतिर्लिंग और 3 धाम की यात्रा कर चुके हैं। उन्हें फोटोग्राफी में भी खासा शौक है।
श्री साहा 14 साल पहले कम्प्यूटर की ए-बी-सी- डी भी नहीं जानते थे। चालीसगांव महाराष्ट्र में कुछ बच्चों को कम्प्यूटर चलाते देख वे प्रभावित हुए। इसे सीखने के लिए उन्होंने वरिष्ठ रेल अफसर से अनुमति मांगी। 2001 में जलगांव से डिप्लोमा इन कम्प्यूटर मैनेजमेंट का कोर्स किया। उनका मानना है बच्चे कम्प्यूटर चलाना तो आसानी से सीख जाते हैं लेकिन उन्हें पार्ट्स की जानकारी नहीं होती। तभी सोच लिया कि बच्चों को इस टेक्नालॉजी की मुफ्त शिक्षा देंगे।
कभीस्क्रू नहीं कसा, अब खुद का कम्प्यूटर बनाया- नवचंडीदेवीधाम क्षेत्र की मुस्कान दिनेश चौधरी ने बताया कभी स्क्रू ड्राइवर से नट भी नहीं कसा। लेकिन खुद का कम्प्यूटर असेम्बल करना बेहद रोचक रहा। श्री साहा से सीपीयू, राईटर, हार्ड डिस्क, मदरबोर्ड, फेन के वायर जोड़ने से लेकर साफ्टवेयर अपलोड करना सीख गई।
मुस्कान चौधरी को कम्प्यूटर असेम्बल करना सिखाते उप प्रबंधक अरविंद सोहा, प|ी सीमा।
स्टेशन उप प्रबंधक 5 साल से फ्री में सिखा रहे कम्प्यूटर असेम्बल करना
जरा हट के