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तेंदुए ने कालीभीत और भागपुरा में तीन मवेशी मारे, जांच के बाद तेंदुए की पुष्टि

7 वर्ष पहले
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आंवलिया के पश्चिम कालीघोड़ी और भागपुरा वनग्राम में तेंदुए ने तीन मवेशियों का शिकार कर दहशत फैला दी है। वन अफसरों ने तेंदुए की पंजों और शिकार पर मिले दांतों के निशान देखकर अनुमान लगाया। मेडिकल जांच के बाद वेटनरी डॉक्टर ने भी तेंदुए द्वारा शिकार की पुष्टि की। वन अमले ने पीड़ित पशु मालिकों को मुआवजा बांट दिया है। हालांकि वन अफसर पूरी तरह संरक्षित जंगल होने से दहशत की बात से इनकार कर रहे है। जबकि तेंदुए द्वारा मवेशी के शिकार की बात स्वीकार की है।

कालीभीत रेंज के इंचार्ज आरके मलखाम ने बताया पश्चिम कालीघोड़ी जंगल के पिछले हिस्से में तेंदुआ विचरण कर रहा है। जंगल में कुछ जगहों पर तेंदुए के पंजों के निशान मिले है। यहां उसे 5 किमी टेरिटोरियल (घूमने का सीमित क्षेत्र) में देखा है। फिलहाल उसके वनग्राम में मूवमेंट की सूचना नहीं है। वन अमले की सर्चिंग के दौरान अफसरों ने तेंदुए के पंजों के निशान के मोबाइल पर फोटो लिए।

पंजों की साइज से अफसरों ने तेंदुए की उम्र साढ़े तीन साल और ऊंचाई 2.5 फीट बताई। वन अमले ने करीब दो घंटे तक जंगल में सर्चिंग की। सर्चिंग में एसडीओ, रेंजर और वन रक्षक समेत ग्रामीण और चौकीदार मौजूद थे। पिछले दिनों भागपुरा में एक किसान का मवेशी आसपास चराई के दौरान मृत मिला था। वन विभाग के अफसरों ने पंचनामा बनाकर मुआवजा दे दिया। ग्रामीणों के मुताबिक अब तीन पालतु मवेशियों को तेंदुआ निवाला बना चुका है। कुछ किसानों की बकरियां और पालतु कुत्ते तेंदुए का शिकार हुए हैं लेकिन उनके शव नहीं मिले।

वन अमले की हिदायत

- वन अफसरों के मुताबिक कुत्ता तेंदुआ का पसंदीदा शिकार है। इसलिए वह सबसे पहले कुत्तों पर हमला करता है।

- भूखा तेंदुआ किसी पर भी हमला कर सकता है। ग्रामीण सावधानी बरतें।

- जहां तक हो सके ग्रामीण दिन में ही खेतों में काम निपटाएं। क्योंकि तेंदुआ शाम के समय ही शिकार ढूंढने निकलता है।

- तेंदुआ किसी पर अचानक हमला नहीं करता। लेकिन खतरे का अहसास होने पर वह झपट पड़ता है।

- रात को जरूरत पड़ने पर चार्ट या मशाल के उजाले में खेत जाए। तेंदुए को रोशनी से डर लगता है। वह रोशनी और भीड़ के सामने नहीं आता।

- ग्रामीण कहीं भी झुंड बनाकर आवाजाही करें। बच्चों को खेतों में बिल्कुल ले जाएं।



तेंदुआ पकड़ने के संसाधन नहीं

रेंजर आरके मलखाम ने बताया तेंदुआ पकड़ने के लिए विभाग