पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • शराबी ने की इकलौते बेटे की हत्या, शव के इर्द गिर्द घूमता रहा

शराबी ने की इकलौते बेटे की हत्या, शव के इर्द-गिर्द घूमता रहा

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
- खंडवा के पास धमनगांव की घटना, अंतिम संस्कार के बाद गिरफ्तारी दी।
खंडवा। पारिवारिक झगड़े में शराबी पिता ने सिर में लकड़ी मारकर इकलौते जवान बेटे की हत्या कर दी। कुछ समय बाद ही उसे अहसास हो गया कि उसने कितना बड़ा गुनाह कर दिया। वह रातभर बेटे के शव के ईर्द-गिर्द घूमता रहा। अंतिम संस्कार के दौरान शव के पास पहुंचा और खूब बिलखने लगा।
घटना मोघट थाना क्षेत्र के ग्राम धमनगांव की है। शुक्रवार रात किशोर पिता मोजीलाल भमोरे (55) का इकलौते बेटे राजेश (22) से विवाद हो गया। ग्रामीणों के अनुसार किशोर शराब पीया हुआ था। बेटे के साथ हाथापाई की। पत्नी कड़वीबाई और बेटी रंजीता ने दोनों का झगड़ा छुड़ा दिया। कड़वीबाई ने राजेश को एक कमरे में बंद कर दिया, लेकिन राजेश खिड़की तोड़कर बाहर निकला। किशोर को लगा राजेश उसे मारने रहा है।
दरवाजे के पास छिपकर किशोर ने धमकाने के लिए अंधेरे में लकड़ी मारी जो उसके सिर के पिछले हिस्से में लगी। वार इतना तेज था कि बेटे के सिर की हडि्डयां टूट गईं। राजेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ लग गई। रात 12 बजे मौके पर पुलिस पहुंची। मृतक के शव को रात दो बजे जिला अस्पताल लाया गया। सिर पर पहला करते ही आरोपी को एहसास हो गया था कि उसके बेटे की मौत हो चुकी है। आरोपी गांव में छिप गया। जब शव जिला अस्पताल लाया गया तो वह भी छुपते हुए साथ गया। पुलिस गिरफ्तारी के डर से शव के पास नहीं पहुंचा।

पोस्टमार्टम के दौरान दूर खड़ा देखते रहा। दोपहर अंतिम संस्कार के समय बेटे का चेहरा देखा और पत्नी और बेटियों से गले लग खूब रोया। श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के बाद उसने समर्पण करते हुए गिरफ्तारी दी।
शराब ने ली मेरे बेटे की जान : अपने इकलौते बेटे को खाेने के बाद मां कड़वीबाई का जैसे सबकुछ लुट गया। छोटी बेटी रंजीता और ससुराल से आई दो बेटियां सरुबाई और मरुबाई मां को बार-बार समझा रही थी। कड़वीबाई ने कहा पति शराब पीये हुए थे। शराब के नशे में ही उन्होंने बेटे को मार दिया। अब तो जिंदगी का मकसद ही खत्म हो गया। उसकी शादी की तैयारी कर रही थी। बहू लाने के जो सपने देखे थे। एक पल में चकनाचूर हो गए।

बेटा मुझे माफ कर देना : मुझे माफ कर देना, मैंने यह क्या कर डाला। दो मिनट गुस्से को काबू कर लेता तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। अब क्या होगा। भगवान मुझे भी उठा ले। बेटे के अंतिम दर्शन कर रोते बिलखते पिता ने दर्द बयां किया। अंतिम संस्कार में शामिल ग्रामीण भी घटना से स्तब्ध रह गए। ग्रामीणों ने बताया आरोपी पिता को बहुत पश्चाताप हुआ। शराब पीने के बाद वह अकसर अपने घर में लड़ाई करता था। बेटा मना करता था। दोनों ही मजदूरी कर परिवार चला रहे थे।