लक्षणों की 3 कैटेगिरी|पहले 2 में टेस्ट जरूरी नहीं, तीसरे में हों भर्ती : स्वाइन फ्लू के भय से साधारण जुकाम, बुखार के लोग भी जांच कराने के लिए अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार ऐसा नहीं करें और जांच कराने से पहले डॉक्टर को दिखाएं। घबराएं नहीं। डॉक्टरों के मुताबिक स्वाइन फ्लू तीन कैटेगरी में है और इनके अलग-अलग लक्षण हैं। बी-1 व बी-2 में टेस्ट करवाने की आवश्यकता नहीं है।
ए कैटेगरी : - हल्का बुखार, खांसी, गले में हल्का दर्द।
- दवा और स्वाइन फ्लू के टेस्ट की जरूरत नहीं।
- घर के बाहर नहीं निकलें और एहतियात के तौर पर डॉक्टर को दिखा सकते हैं।
बी कैटेगरी : बी-1 में तेज बुखार, गले में तेज दर्द और खराश। इसमें टेमी फ्लू दवा ले सकते हैं। बी-2 कैटेगरी में भी तेज बुखार, गले में तेज दर्द होता है। यह गर्भवती महिलाओं, लंग्स, हार्ट, कैंसर, लीवर, किडनी पेंशेंट के लिए है। इसमें मरीजों को दवा के साथ डॉक्टर की सलाह से विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
सी कैटेगरी : तेज बुखार, सांस में परेशानी, छाती में दर्द, ब्लड प्रेशर में उतार चढ़ाव, नाखून नीले, थूक में खून। इन लक्षणों के आने पर तुरंत टेस्ट कराएं। डॉक्टर की सलाह से तुरंत अस्पताल में भर्ती हों।