पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में डेढ़ घंटे मदद की तो भाग गया डर

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में डेढ़ घंटे मदद की तो भाग गया डर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
11सितंबर 2001 में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हवाई हमले के दौरान मैं 64वीं मंजिल पर अपने आफिस में था। 110 मंजिला इमारत पर दो टावर थे। पहले टावर जिसमें हमारा आफिस था। उससे यान टकराया। मैं और मेरे साथी सारे काम छोड़कर सीढ़ियों के सहारे नीचे उतरने लगे। मैंने डरने के बजाय उन्हें संभाला। डेढ़ घंटे तक लोगों की मदद की। डर अपने आप भाग गया।

यह बात योगी रामप्रकाश सिंघल ने गुरुवार को गौरीकुंज सभाकक्ष में 7 अरब के सत्कर्मों की महायोजना के दौरान अपने व्याख्यान में कही। उन्हाेंने बताया विपदा आने पर घबराने के बजाय सच्चे मन से ईश्वर को याद करने से सही दिशा का ज्ञान प्राप्त होता है। रामप्रकाश 1977 से अमेरिका के न्यूयार्क में सिविल इंजीनियर सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं। सन 1974 से ब्रह्मकुमारी से जुड़ने के बाद उन्होंने अमेरिका सहित अन्य देशों में भी यह अभियान चलाया। लोगों से अच्छे कर्म करने लिए पिछले चार माह से भारत के कई क्षेत्रों में जा चुके हैं। अभियान के तहत खंडवा भी पहुंचे और अपने जीवन के अनुभव बताए। उन्होंने कहा कि मेेरे सीधे साधे स्वभाव के चलते कई बार लोगों ने मेरा उपयोग करना चाहा लेकिन मेरे सरल व्यक्तित्व व्यवहार से उन्हें भी सही दिशा मिल गई और उन्होंने गलत काम करना छोड़ दिया। मनुष्य जीवन में कर्म के साथ-साथ योग ज्ञान की प्राप्ति नहीं होती तब तक वह कर्मयोगी नहीं बनता। उन्होंने कहा दिन में तीन अच्छे कार्य करना चाहिए। फर्ज से अधिक कार्य अच्छे कर्म की निशानी है। कार्यक्रम के अंत में ब्रह्मकुमारी से जुड़े बड़ी संख्या में उपस्थित उपासकों को नौ मिनट के तीन वीडियो दिखाए गए। जिसमें दूसरों की मदद करना, किसी की देखभाल करना, गिरते हुए को उठाना जैसे कर्म योगी युवक की कहानी को संक्षिप्त में प्रस्तुत किया।

ईश्वरीय ध्यान कर्म से जीवन को महान बनाने के अपने अनुभव बताते इंजीनियर रामप्रकाश।

अनुभव बांटे