पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • गुणवत्ता मूल्यांकन में 40% विद्यार्थी फिसड्डी, नकल के बाद भी नहीं सुधरा रिजल्ट

गुणवत्ता मूल्यांकन में 40% विद्यार्थी फिसड्डी, नकल के बाद भी नहीं सुधरा रिजल्ट

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शिक्षाविभाग, जिला शिक्षा केंद्र आदिवासी विकास विभाग द्वारा गोद लिए प्राथमिक माध्यमिक स्कूलों के बच्चाें की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए हुए मूल्यांकन में जिम्मेदारों द्वारा नकल कराने के बाद भी बच्चों की दक्षता बढ़ नहीं पाई। जिले में 1153 प्राथमिक 492 माध्यमिक स्कूलों में से गोद ली 35 फीसदी (574) स्कूलों में यह परीक्षा आयोजित की थी। एक माह बाद आए परीक्षा परिणामों में प्रथम चरण की परीक्षा में 40 फीसदी विद्यार्थी फिसड्डी साबित हुए। इन विद्यार्थियों को डी ग्रेड दी है। दूसरे चरण के मूल्यांकन में इन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

द्वितीयचरण की परीक्षा अगले महीने- गोदलिए स्कूलों में द्वितीय चरण की गुणवत्ता परीक्षा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में होगी। परीक्षा में जिलास्तर पर प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे। प्रथम चरण में डी ग्रेड में आने वाले विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां पर अन्य स्कूलों के शिक्षक परीक्षा लेंगे।

स्कूलोंको नोटिस दिए, होगी कार्रवाई

^परीक्षाके लिए संकुल अधिकारियों ने जनशिक्षा केंद्र स्तर पर प्रश्न पत्र तैयार किए थे। जिन स्कूलों के अच्छे परिणाम नहीं आए हैं वहां प्रधानपाठक शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी। शहर में नकल कराने वाले शासकीय महाराणा प्रताप प्राथमिक विद्यालय, कस्तूरबा गांधी स्कूल, कमला नेहरू स्कूल में नोटिस दिए हैं।^ -पीएस सोलंकी, डीपीसी,जिला शिक्षा केंद्र