बिनती सुनिए नाथ हमारी...
बिनती सुनिए नाथ हमारी...
खंडवा| बिनतीसुनिए नाथ हमारी..., मोर मुकुट पितांबर धारी..., और कहूं या अंतरयामी..., तन-मन-धन प्राणों के स्वामी..., स्वीकारी बिनती हमारी..., बिनती सुनिए नाथ हमारी...। ऐसे ही कई भजन और भक्ति रस में डूबे झूमते-नाचते श्रद्धालु। अवसर था पुरानी अनाज मंडी में सोमवार को आयोजित रुक्मणि विवाह प्रसंग का। भागवत कथा के दौरान संत श्री गिरिराज शास्त्री ने भगवान को पति बनाने के लिए रुक्मणि की प्रार्थना को समझाया।