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बेटी ने पढ़ाया, मां दे रही 10वीं की परीक्षा

7 वर्ष पहले
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खंडवा। वह गांव की आंगनवाड़ी में कार्यकर्ता है। आठवीं पास है लेकिन सुपरवाइजर बनने का सपना है। सपने को पूरा करने के लिए पति ने हौंसला दिया और बेटी ने पढ़ाई में मदद की। नतीजतन अब ओपन से 10वीं की परीक्षा दे रही है। शनिवार को छायाबाई ने बिना रुके गणित का पर्चा हल कर दिया। अंचल में जहां एक ओर महिलाएं अपना परिवार चलाने के लिए चौका, चूल्हा मजदूरी करती हैं वहीं भीलखेड़ी की छायाबाई पति दिलावर (36) मिसाल है।
छह बच्चों की परवरिश उन्हें प्रारंभिक शिक्षा देने वाली छायाबाई को पति बच्चों ने ही पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। 10वीं ओपन की परीक्षा के फार्म भरवाए। 10वीं कक्षा में अध्ययनरत बेटी सारिका (17) ने पढ़ाई में मदद की।
परिवार से मिले हौंसले, अपनी बेटी की मेहनत के चलते उसने गणित का प्रश्नपत्र हल कर दिया। प्रश्नपत्र खत्म होने के बाद परीक्षा केंद्र नेहरू स्कूल लेने पहुंचे पति दिलावर ने बताया पत्नी को सुपरवाइजर बनना है। इसके लिए 10वीं पास होना जरूरी है। छायाबाई ने भी परीक्षा पास करने की ठानी है। उसने बताया अगली बार वह सुपरवाइजर पद के लिए परीक्षा देगी।

अनुपस्थित विद्यार्थियों की संख्या अधिक रही : शनिवार को 10वीं कक्षा की ओपन परीक्षा में गणित का प्रश्नपत्र था। शहर के सरकारी स्कूलों को सेंटर बनाया था। सभी सेंटरों पर अनुपस्थित विद्यार्थियों की संख्या अधिक थी। नेहरू स्कूल में दर्ज 39 में 12 विद्यार्थी, उत्कृष्ट में 58 में से 20 विद्यार्थी एमएलबी स्कूल में दर्ज 105 में से 57 विद्यार्थी अनुपस्थित थे। विद्यार्थियों की अनुपस्थिति का कारण पता नहीं चला। अगला प्रश्नपत्र 20 दिसंबर को विज्ञान विषय का होगा।

ओपन स्कूल परीक्षा
(परीक्षा केंद्र में गणित का पर्चा हल करती छायाबाई। )