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बच्ची की मौत के बाद खुली नींद, बायपास पर मार्किंग की

7 वर्ष पहले
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खंडवा। बायपास पर बच्ची की मौत के दूसरे दिन पीडब्ल्यूडी के अफसरों की नींद खुली। बुधवार सुबह ठेकेदार ने मार्ग के दोनों ओर मार्किंग की। रोलर खराब होने से काम शुरू नहीं हुआ।
धरमकांटा से इंदौर नाका तक कुल 2.10 किमी लंबे इस मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए 18 अक्टूबर 2013 को वर्कआर्डर जारी हुए थे। 17 सितंबर को कार्य पूर्ण हो जाना था लेकिन एक साल में भी पूरा नहीं हुआ। बायपास जगह-जगह से छलनी हो गया है। गहरे गड्ढे हो गए हैं। इस पर निकलने वाले वाहन झूलते हुए निकल रहे हैं।
रोड पर धूल-मिट्टी के बीच पड़े बोल्डर पत्थर वाहनों के टायर से उड़कर वाहनों पर लग रहे हैं। दोपहर तीन बजे इंदौर नाका से गोशाला की ओर बाइक पर जा रहे पलाश राजाणी को वाहन से उड़कर पत्थर लगते हुए बचा। जैसे ही उनके पास से पत्थर निकली उनकी आंखों में धूल भरा गई। पलाश दुर्घटना होते हुए बच गया।
'' बायपास रोड का काम गुरुवार से नियमित रूप से किया जाएगा। बुधवार को मार्किंग कार्य पूरा हो गया। दोनों और हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए निगम को पहले ही पत्र लिख चुके हैं। इसके अलावा मार्ग पर बाधा बन रहे कुछ पेड़ भी काटे जाएंगे।'' अनिल गौड़, कार्यपालनयंत्री, पीडब्ल्यूडी।

रोलर नहीं आने से रुका काम

(बायपास दो साल से ऐसा जर्जर हो गया है।)