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भगवान की दीक्षा के पहले निकाली बरात किया राज्याभिषेक, शांति हवन भी हुआ

5 वर्ष पहले
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पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन सोमवार को दीक्षा कल्याणक महोत्सव मनाया। इसमें सुबह 6.30 बजे जाप, अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजा, शांति हवन के साथ निर्भय सागर महाराज के मंगल प्रवचन हुए। दोपहर 1 बजे राज दरबार में भगवान का राज्याभिषेक, 32 मुकुटबद्ध राजाओं द्वारा भेंट, राजतिलक के साथ ही भगवान की बरात भी निकली। आरती के साथ राजनीति पर भगवान का उद्देश्य, राज नृत्यिका का नृत्य, भगवान के पूर्व भव का स्मरण, भगवान का दीक्षा विधि संस्कार, शाम 7 बजे आरती, शास्त्र प्रवचन एवं इंद्र दरबार के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति आशादीप बहुमंडल ने दी।

जबलपुर से आए साहित्यकार सुरेश सरल ने निर्भय सागर महाराज के जीवन परिचय एवं अभी तक के त्याग और तपस्या पर एक ग्रंथ रचना की जिसका नाम निर्भयता के सूत्रधार दिया। उक्त ग्रंथ का विमोचन कर महाराजश्री को भेंट किया। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया इस अवसर पर नवकार नगर ट्रस्ट मंडल द्वारा सुरेश सरल, अभिषेक जबलपुर वालों का सम्मान किया। प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप जैन मधुर के मंत्रोच्चार एवं निर्भय सागर महाराज व अन्य मुनियों द्वारा प्रतिमाओं पर सूर्य मंत्र के साथ दीक्षा के संस्कार भी किए। भगवान के बाल सखा बनने का सौभाग्य अध्यात्म-प्रदीप जैन को मिला। प्रथम पालना नीतू-राजेश रामचंद्रजी ने झुलाया। राजकुमार सुलभ सेठी बने। प्रथम पुत्र जम्बू जैन बने। पिच्छी कमंडल भेंट एवं शांतिधारा सुनीता-नरेंद्र जैन किया। संत निवास का शिलान्यास गुलाबबाई-कमचंद वैद्य व मीना-सुरेश जैन ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप जैन ने किया।

निर्भय सागर

पूरी तरह परिपक्व होने पर दी जाती है मुनि दीक्षा : निर्भय सागर महाराज
गवान मुनिसुव्रतनाथ नम करायो, ये अवसर बार-बार न आये समय हाथों से निकला जाए
पंचकल्याणक महोत्सव में हैप्पी ग्रुप ने “भगवान मुनिसुव्रतनाथ नम करायो, ये अवसर बार-बार न आये समय हाथों से निकला जाए, मुनिसुव्रत को नमन करायो रे...” गीत पर प्रियंका जैन, अंशुमा जैन, स्वीटी जैन, ऋषिका जैन, रोशनी जैन, शिवानी जैन, शीतल जैन ने प्रस्तुति दी।

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