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बच्चों का कृमिनाशक गोली खाने से इनकार

5 वर्ष पहले
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बोले- माता-पिता ने दवा खाने से मना किया है

पहले दिन जिले में डेढ़ लाख बच्चों ने खाई दवा

भास्कर संवाददाता | खंडवा

कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल खाने से एक सरकारी स्कूल के वर्ग विशेष के कुछ विद्यार्थियों ने इनकार किया। छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य और शिक्षकों की बात नहीं मानी। विद्यार्थी बोले जो दवा आप दे रही है, उसमें क्या है? यह किसे पता है। मां-पिता ने दवा खाने से मना किया है। परिजन से पूछकर ही खाएंगे।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत बुधवार को स्कूलों में बच्चों को दवा खिलाई। मानसिक विकास में सहायक और कुपोषण रोकने के लिए कृमिनाशक है। एल्बेंडाजोल कृमि नाशक दवा पेट के कीड़ों को मारकर बच्चों को कई बीमारियों से बचाती है। पहले दिन 1.5 लाख छात्र-छात्राओं ने दवा खाई। हालांकि अधिकृत जानकारी 15 फरवरी के बाद आएगी। जिले की 1200 प्राथमिक, 669 मिडिल, हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में दवा दी। इसके साथ जिले की 1517 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर भी दवाएं खिलाई।

स्वास्थ्य विभाग के जिला मीडिया अधिकारी वीएस मंडलोई ने बताया 3 लाख 72 हजार 984 बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाने का लक्ष्य है। कृमि मुक्ति दिवस पर सीएमएचओ, महिला बाल विकास अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी, सर्वशिक्षा अभियान के जिला समन्वयक ने दवा खिलाने में मदद की।

मिशन इंद्रधनुष में 45 बच्चों का टीकाकरण

7 फरवरी से संचालित मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत तीन दिनों में केवल 45 बच्चें का ही पूर्ण टीकाकरण हुआ।



बच्चों को प्रेरित करेंगे
दवा खाने से इनकार करने वाले बच्चों को प्रेरित करेंगे। उन्हें दवा के लाभ के बारे में जानकारी देंगे। दवा बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। - डॉ.जेएस अवास्या, सीएमएचओ

दवा से रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी
कृमि नाशक एल्बेंडाजोल गोली से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। दवा से बच्चों में के शरीर को कई तरह के लाभ होते है। खून कमी में सुधार आना, बेहतर पोषण स्तर , रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद, मिलती है।

कृमि से हानि
शारीरिक, मानसिक विकास में कमी। शरीर में खून की कमी। कुपोषण। भूख न लगना। थकान और बेचैनी। पेट में दर्द। उल्टी और दस्त आना। मल से खून आना।

वर्ग विशेष के िवद्यािर्थयों को आपत्ति
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