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निगम और ग्रामीण विभाग की सबसे ज्यादा शिकायतें लंबित

5 वर्ष पहले
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सीएम हेल्पलाइन। आम लोगों की समस्याएं कम करने के लिए मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना। पर अफसर इसे महत्व नहीं दे रहे हैं। कलेक्टोरेट से लेकर मंत्रालय तक मॉनिटरिंग हो रही पर काम कराने के लिए जिम्मेदार मैदानी अफसरों के काम नहीं करने से लोगों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। नाम बड़े और दर्शन खोटे की तर्ज पर आम लोग निराश हो रहे हैं। जिले में हर रोज मॉनिटरिंग होने के बावजूद करीब 500 से अधिक शिकायतें लंबित हैं। इनमें सबसे ज्यादा नगर निगम और ग्रामीण विकास विभाग की हैं। मतलब इन दोनों विभागों के अफसर शिकायतों को सुलझाने के लिए काम नहीं कर रहे हैं। कलेक्टर ने अफसरों द्वारा काम नहीं करने को गंभीरता से लिया है और कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम के अफसरों को नोटिस दिए। आने वाले दिनों में कुछ अन्य विभागों के अफसरों पर कार्रवाई हा़े सकती है। सूत्रों के मुताबिक मैदानी अफसरों को बार बार चेताने के बावजूद काम नहीं कर रहे हैं। इस कारण लंबित शिकायतों की संख्या बढ़ रही है। अन्य जिलों की अपेक्षा स्थिति अच्छी है। हालांकि ऐसा कोई विभाग नहीं है जिसकी शिकायत संख्या शून्य हो।

निगम बगैर सुलझाए ही बंद कर देता शिकायत - सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को निगम द्वारा बगैर सुलझाए ही बंद किया जा रहा है। ऐसा ही अन्य विभाग भी कर रहे हैं। शिकायतकर्ता की संतुष्टि का इंतजार तक नहीं किया जा रहा है। जिन विभागों की शिकायतें ज्यादा लंबित है, उन्हें नोटिस देकर तलब किया जाएगा।

यहां शिकायतें लंबित
पंचायत एवं ग्रामीण विकास 118

नगर निगम 86

बिजली विभाग 39

पुलिस 32

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क 28

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी 28

स्वास्थ्य विभाग 21

राजस्व विभाग 17

लोक निर्माण विभाग 14

कुल 383

की जाएगी कार्रवाई
सीएम हेल्पलाइन में जिन विभागों की शिकायतें अधिक लंबित हैं। निराकरण के लिए स्मरण पत्र भेजे जा रहे हैं। जिन्होंने शिकायतों के निराकरण में गंभीरता नहीं दिखाई है उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। एमके अग्रवाल, कलेक्टर

प्रकरण-2
प्रकरण-1
नहीं मिला समयमान वेतनमान
वीरेंद्र कुमार मालवीय ने शिकायत की वह लोनिवि में सहायक मानचित्रकार पद पर कार्यरत थे। उन्हें उनका समयमान वेतनमान नहीं दिया गया है। 31 अक्टूबर 2006 को रिटायर हुए थे। एरियर भुगतान नहीं हुआ।

यह हल किया कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ने समयमान वेतनमान का प्रस्ताव निर्धारित प्रपत्र मे तैयार कर मुख्य अभियंता को भेज दिया है। स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

टाॅवर हटा नहीं, शिकायत बंद
मुस्कान चंदानी ने बताया कि वार्ड नंबर 33 सिन्धी कालोनी गली नंबर चार अवैध टाॅवर लगा है। लोगों को बीमारी हो रही है। शिकायत कलेक्टोरेट में की गई कार्रवाई नहीं हुई है।

यह हल किया निगम उपयंत्री राधेश्याम उपाध्याय ने टाॅवर संबंधित शिकायत की कार्रवाई के लिए सूचना पत्र दिया है। कार्रवाई चल रही है। शिकायत बंद कर दी। शिकायतकर्ता ने सहमति नहीं दी है। नियमानुसार खत्म करने से पहले सहमति दी जाती है।

इनकी शिकायत अभी तक हल नहीं हुई
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