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मनमानी गाइडलाइन तय कर जमीन के रेट बढ़ा रहे कलेक्टर : गौर

5 वर्ष पहले
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स्मार्ट सिटी : खर्च साढ़े बारह हजार करोड़, दो सौ करोड़ में क्या होगा
इंदौर, भोपाल और जबलपुर को स्मार्ट सिटी बनाए जाने में आने वाले करीब साढ़े बारह हजार करोड़ रुपए खर्च का मामला सोमवार को कैबिनेट में उठा। वर्ष 2016-17 के करीब 1 लाख 45 हजार करोड़ के बजट प्रावधान में स्मार्ट सिटी को लेकर महज दो सौ करोड़ रुपए का प्रावधान होने पर मंत्रियों ने आपत्ति उठाई।

उनका कहना था भोपाल शहर में ही स्मार्ट सिटी विकसित करने में जब 3400 करोड़ रुपए खर्च आना है। इसमें पांच सौ करोड़ राज्य और इतनी ही राशि केंद्र सरकार को देना होगा, तब जाकर स्मार्ट सिटी बनने के काम में तेजी आएगी। गृहमंत्री बाबूलाल गौर का कहना था कि इसे देखते हुए बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया जाना जरूरी है।

उन्होंने कहा केंद्र सरकार से पहले ही राज्य को कम राशि मिल रही है। उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने भी गौर की बात का समर्थन किया। गौर ने कहा कि इससे स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर बजट में कितनी राशि आगामी वित्तीय वर्ष में केंद्र से मिलना है। गौर की आपत्ति पर वित्तमंत्री जयंत मलैया ने कहा फिलहाल तो बजट में केंद्र से वित्तीय वर्ष के दौरान मिलने वाली राशि का प्रावधान किया गया है। इस पर आगे जब राशि मिलेगी तब विचार किया जाएगा। चर्चा के दौरान यह बात भी सामने आई कि केंद्र सरकार ने राज्यों को मिलने वाले फंड पैटर्न में बदलाव किया है जिसके अनुसार 80:20 की राशि तय की गई है। इसके अनुसार 80 फीसदी राशि राज्यों को और 20 फीसदी केंद्र सरकार की रहेगी। इससे केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में मिलने वाली मदद में कमी आई है। इसके अलावा केंद्रीय करों में जहां राज्यांश की राशि 32 से बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर दी गई है, लेकिन ग्रांट की राशि घटा दी है जो 30 हजार करोड़ रुपए मिलना अपेक्षित थी जो 20 हजार करोड़ रुपए ही मिलेगी। इससे स्थिति स्पष्ट नहीं है कि आगामी वर्ष में केंद्र से कितनी राशि राज्य के हिस्से में आएगी।

‌स्वास्थ्य सेवाओं के डॉक्टरों को स्टायपंड
स्वास्थ्य विभाग के ऐसे डाक्टर जो पीजी कोर्स कर रहे हैं, जिन्हें किसी प्रकार से स्टायपेंड अथवा वेतन नहीं मिल रहा है, उन्हे भी सरकार अब स्टायपेंड देगी। इन डॉक्टरों को पीजी कोर्स के करने के बाद तीन साल के लिए अनिवार्यत:ट्राइबल एरिया में नौकरी करना होगी अन्यथा उन्हें तीस लाख रुपए सरकारी खजाने में जमा करना होगा।

दस लाख रुपए से कम आय वाले पुलों से हटेंगे टोल टैक्स

कैबिनेट ने दस लाख रुपए से कम आय वाले प्रदेश के 32 पुलों से रोड टैक्स खत्म करने को भी मंजूरी दे दी। इससे भोपाल तथा उज्जैन संभाग के एक-एक, इंदौर संभाग के 4, जबलपुर संभाग के 9 , रीवा संभाग में 6, ग्वालियर संभाग में 3, सागर संभाग के आठ पुलों से रोड टैक्स नहीं वसूला जाएगा।

ये हैं पुल जहां नहीं वसूला जाएगा टोल टैक्स
रायसेन जिले में भोपाल -चिकलोद मार्ग में बेतवा नदी पर बने पुल पर

आगर जिले में नलखेड़ा -छापीखेड़ा मार्ग पर निर्मित पुल,खंडवा जिले में पंधाना-कुडिया -बरखेड़ी मार्ग के घोडवा और

पंधान टीवाल मार्ग के फोड़वा पुल तथा सिरपुर- जामली- कोहदड मार्ग के बाकभाट पुल।

झाबुआ जिले में बोलासा - झकनावदा- टिमाचमी मार्ग के मधुकन्या पुल पर।

नरसिंहपुर जिले के आमगांव सिंहपुर मार्ग में टडा नाला पुल, नरसिंहपुर-देवा कछार मार्ग में शेर नदी पर बने पुल पर स्थित पुल।

कटनी जिले में विजयराघवगढ़-काटी अमाढ़ी मार्ग के रोह नियाघाट पुल।

छिंदवाड़ा जिले में सारनी-परसवाड़ा मार्ग के पेंच नदी पुल और रामाकोना सावरनी मार्ग के शोभना नदी पुल और लोधीखेड़ा खमारपानी मार्ग के कन्हान नदी का पुल।











- बालाघाट जिले के तीन पुल क्रमश: नेतरा लिंगा हट्टा मार्ग पर घिसर्री नदी पुल, ब्रम्हनी आंगन बिहरी मार्ग का डोरिया नाला पुल और तिरोड़ी खवासा मार्ग का खरपड़िया नाला पुल।

- रीवा जिले के तीन पुल क्रमश: बैकुंठपुर लाल गांव मार्ग में जीरा नाला, सोहागी बड़ागांव कोरांव मार्ग में बेलन नदी और बैकुंठपुर बर्री मार्ग में बीहर नदी पुल।

- शहडोल जिले के बुढ़ार केशवाही मार्ग के कसेड नदी और अनूपपुर जैतपुर मार्ग के कुनुक नदी पर बने पुल।

- सीधी जिले के शिकारगंज चमराडोल मार्ग के सोन नदी पुल।

- ग्वालियर संभाग में गुना जिले के दो पुल क्रमश: आरोन पनवाड़ी हाट मार्ग में सिंध नदी पुल तथा बरसत पटौदी मार्ग में पार्वती नदी पुल और मुरैना जिले में बिचोला रीठोर मार्ग में सांख नदी पर बने पुल।

- सागर जिले के बंडा- बादरी मार्ग में धसान नदी पुल और बंडा-शाहपुर मार्ग में सागली नदी पुल।

- छतरपुर जिले में चांदला -सरबई गौरिहार मार्ग के केन नदी पुल और छतरपुर- सटई मार्ग में कुडवन नदी पुल।

- दमोह जिले में तारादेही- महाराजपुर मार्ग पर ब्यारमा पुल, तेजगढ़ -कलहरा मार्ग पर ब्यारमा पुल, झालोन -सराना सर्रा मार्ग पर ब्यारमा नदी पुल तथा बिजौरा सिवारिया मार्ग पर गौरैया नदी पुल।

कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले

- ई गवर्नेंस सोसायटी के तहत जिलों में स्थापित किए जा रहे आईटी केंद्रों के संचालन के लिए संविदा आधार पर दो साल के लिए 108 पदों को मंजूरी।

- अनुसूचित जाति कल्याण विभाग कीअनुदान प्राप्त शालाओं के शिक्षकों को एक जनवरी, 1996 से पांचवां वेतनमान दिया।एरियर की राशि का भुगतान 5 वार्षिक किश्त में किया जाएगा

- एमडीआर योजना में रतलाम जिले के रतलाम-बाजना मार्ग निर्माण के लिए 97 करोड़ 81 लाख रुपए की स्वीकृति।

- मेसर्स एमबी पॉवर (मध्यप्रदेश) लिमिटेड की ताप विद्युत परियोजना की जल आपूर्ति के लिए सोन नदी पर बैराज के डूब क्षेत्र में आने वाले तहसील जैतहरी में 28.356 हेक्टेयर शासकीय भूमि चालू वित्तीय वर्ष की कलेक्टर गाइड लाइन के आधार पर भूमि आवंटित किए जाने के संबंध में।

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