वर्तमान स्थिति पर किए व्यंग्य
खंडवा | आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई जो अभी हिंदुस्तान में पैदा ही नहीं हुई। देश की वर्तमान स्थिति पर कवियों ने खूब व्यंग्य किए। कवितामयी शाम-सुरखाब के परों के नाम कार्यक्रम का आयोजन सोमवार शाम बड़ाबम स्थित नार्मदीय धर्मशाला में हुआ। जिसमें विनोद चौरे, अशोक गीते ने देश की वर्तमान स्थिति को काव्य के माध्यम से बताया। गजलकार, निबंधकार मणि खेड़ेकर ने सुरखाब के पंख पर निबंध एवं काव्य सुनाया। प्रतापराव कदम, सुनिल पाबरा, अशोक गीते, नीरज दीक्षित, हरिओम भावसार, रघुवीर शर्मा एवं मंगला चौरे ने भी कविताओं के माध्यम से देश के वर्तमान हालात बताए।