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दुनिया जिसे कहते हैं, जादू का खिलौना है...

5 वर्ष पहले
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दुनिया जिसे कहते हैं, जादू का खिलौना है...मिल जाए तो मिट्टी है, खो जाए तो सोना है...। एक जमाना था जब गजल और शायरी सिर्फ अदबी लोगों तक ही सीमित थी। उन्हें लोगों की जुबान तक लाने का श्रेय दो लोगों को जाता है। पहले जगजीत सिंह और दूसरे निदा फाजली। निदा ने शानदार गजलें लिखी और जगजीत सिंह ने उन्हें जानदार आवाज दी। सोमवार को जब खबर मिली कि शायर-गीतकार निदा फाजली नहीं रहें तो लगा भरी दोपहर में सूर्यास्त हो गया। बेहद व्यस्तता के बावजूद भी वो पुस्तक मां तुझे सलाम के विमोचन के लिए न केवल इंदौर आए बल्कि पूरा दिन साथ ऐसे बिताया जैसे परिवार के सदस्य हो। हमने एक नया प्रोग्राम किया था। इंदौर के रविंद्र नाट्य गृह में भी जितने व्यक्ति हाॅल में बैठे थे, उससे ज्यादा हॉल के बाहर थे। उनकी हर बात पर तालियां थी। खंडवा से उन्हें बेहद लगाव था। जब भी बात होती माखनलाल चतुर्वेदी से लेकर किशोर दा तक का जिक्र जरूर होता। - आलोक सेठी

फर्जी जमानत कराई
खंडवा | फर्जी तरीके से जमानत के दस्तावेज पेश कर जमानत कराने वाले के विरुद्ध न्यायालय ने कोतवाली पुलिस को प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए। मामला एक साल पुराना है। आरोपी ने फर्जी दस्तावेज पेश कर मंशाराम पिता दोगरिया के नाम से जमानत कराई।

इंदौर में खंडवा के साहित्यकार आलोक सेठी की पुस्तक मां तुझे सलाम के विमोचन के दौरान निदा फाजली।

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