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जंक्शन पर 18 घंटे तक पड़ा रहा शव, जीआरपी ने नहीं उठाया

5 वर्ष पहले
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मानवता हुई शर्मसार, किसी भी अधिकारी ने शव को उठाने की पहल नहीं की

भास्कर संवाददाता | खंडवा

अज्ञात शव को जिला अस्पताल ले जाने में जीआरपी ने 18 घंटे लगा दिए। एंबुलेंस नहीं आई तो उसे हाथ ठेले से अस्पताल भिजवाया।

प्लेटफार्म नंबर-5 स्थित फुट ओवरब्रिज रविवार रात 10.30 बजे अज्ञात पुरुष (55) की मौत हो गई थी। कंबल में लिपटे शव की मौखिक सूचना हम्माल, कुली ने जवानों को दी थी। बावजूद इसके जीआरपी सोमवार सुबह तक मेमो का इंतजार करती रही। जबकि यहां से हजारों यात्री प्रतिदिन आवागमन करते हैं। स्टेशन प्रबंधन ने सुबह 7 बजे जीआरपी को मेमो दिया। इसके बाद जीआरपी ने रेलवे डॉक्टर से परीक्षण कराया। रेलवे डॉक्टर ने अज्ञात पुरुष को मृत घोषित कर दिया। सुबह 10 बजे फिर दोबारा रेलवे प्रबंधन ने एक अन्य मेमो जारी किया। तब जाकर खाकी वर्दी वालों की मानवता जागी और पंचनामा की कार्रवाई शुरू हुई। दोपहर 12 बजे शव को उठाकर अस्पताल भिजवाया।

पहले मेमो में अचेत अवस्था में व्यक्ति के पड़े होने की सूचना आई थी। दूसरे मेमो में रेलवे डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की एंबुलेंस भी समय पर नहीं आई। इसलिए हाथ ठेले से शव भिजवाया। एमएस सिंगाेरे, टीआई, जीआरपी

एसएस ने गलत मेमो दिया
एसपी ने फटकारा तब बनाया पंचनामा
लापरवाह जीआरपी की शिकायत रेल एसपी अवधेश गोस्वामी तक पहुंची। यह सुनकर एसपी भड़क गए और अमले को जमकर फटकारा। तब जाकर एएसआई बीएस बघेल, आरक्षक शेरसिंह परमार आदि ने पंचनामा बनाया। एंबुलेंस नहीं आई तो जीआरपी ने शव को हाथ ठेले पर रखा और अस्पताल भिजवाया। एसएस आलोक चौरे ने बताया समय पर मेमो, डॉक्टर भेजा था। जीआरपी ने देरी से शव को उठवाया।

सुबह डीएसपी, टीआई ने भी सोते हुए देखा
सोमवार सुबह 9 बजे रेल डीएसपी राजेंद्रसिंह रघुवंशी, टीआई एमएस सिंगाेरे ठीक उसी स्थान से गुजरे। वे ओंकारेश्वर जा रहे थे। तभी एफओबी से पार्सल तरफ बढ़ते हुए दो युवक लड़ते दिखें। टीआई ने फटकार लगाते हुए कहा- तुम लड़ रहे हो। वहां नीचे सोए व्यक्ति को लात लग जाती। लड़ने वाले को मौके पर ही टीआई ने उठक-बैठक लगवाई। कुछ समय बाद उसी जगह टीआई को शव मिलने की सूचना आई।

एफओबी से पार्सल के मोड़ पर 18 घंटे तक शव पड़ा रहा।

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