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बाबुओं से कार्रवाई कराने वाले एआरटीओ को निलंबित किया

5 वर्ष पहले
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यात्री बस पर गलत कार्रवाई करने पर सीजेएम कोर्ट के फैसले के बाद खरगोन एआरटीओ निर्मल कुमरावत को परिवहन कमिश्नर ग्वालियर ने बुधवार निलंबित कर दिया। एआरटीओ ने एक माह पहले खुद कार्रवाई न कर बाबुओं के माध्यम से कार्रवाई की थी। बस संचालक ने कार्रवाई को गलत बताते न्यायालय की शरण ली। बीते सप्ताह कोर्ट ने एआरटीओ की कार्रवाई को गलत पाकर कमिश्नर ग्वालियर को फैसला भेज दिया। एआरटीओ ने खुद मौके पर मौजूद न होकर बाबुओं से बस पर जुर्माना की कार्रवाई की थी। कोर्ट के फैसले के बाद परिवहन आयुक्त ने एआरटीओ को हटाकर खंडवा आरटीओ सुनील गौड़ को प्रभार सौंप दिया।

एआरटीओ ने कराधान अधिनियम में बड़वानी-खरगोन जिले में चलने वाली बस में बरात होने का आधार बताकर 1.47 लाख जुर्माना किया था। यह कार्रवाई दो बाबुओं के माध्यम से करवाई। इस दौरान खुद मौजूद नहीं थे। यह प्रकरण सीजेएम गंगाचरण दुबे की कोर्ट पहुंचा। सुनवाई में कराधान अधिनियम में कार्रवाई गलत पाई गई। साथ ही एआरटीओ संबंधित कार्रवाई की तारीख पर इंदौर कार्यालय में थे। सीसीटीवी फुटेज भी रखे गए। 21 अक्टूबर 2015 को कार्यालय में अनुपस्थिति व राजस्व में गिरावट के लिए कमिश्नर पहले ही निलंबन की कार्रवाई कर चुके हैं। लेकिन इसके खिलाफ वे हाईकोर्ट से स्टे ले आए। हाल में नियम विरुद्ध व बाबुओं की कार्रवाई को खुद की कार्रवाई बताने के कारण वे फंस हैं।

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