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शहर में पानी लाने के लिए 10 गांव के खेतों की बिजली बंद

5 वर्ष पहले
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आज व्यवस्थित हो सकती है सुक्ता से पानी की सप्लाई
शहर में पानी लाने के लिए मंगलवार को 10 गांव के खेतों की बिजली बंद कर दी। इसके बाद भगवंतसागर बांध से पानी छोड़ा। बीच में पानी चोरी नहीं होने से यह एक ही दिन में 18 किमी तक आ गया। जसवाड़ी स्थित सुक्ता स्टॉपडेम तक यह पानी बुधवार सुबह आने की उम्मीद है। यदि पानी आ गया तो शहर में बुधवार को जल सप्लाई हो जाएगी। इससे शहर को जलसंकट से राहत मिलेगी।

9 दिन पहले पीने के लिए निगम द्वारा छुड़वाया 40 एमसी एफटी पानी जसवाड़ी नहीं आने पर कलेक्टर को हस्तक्षेप करना पड़ा। कलेक्टर एमके अग्रवाल ने मंगलवार सुबह आपातकालीन बैठक ली। निगम के साथ जल संसाधन विभाग के अफसरों को हिदायत देकर समन्वय बनाने के निर्देश दिए। पीने के पानी से सिंचाई नहीं हो इसके लिए सख्ती बरतने के आदेश दिए। इसके बाद सुक्ता नदी के किनारे सिंचाई की बिजली दो दिन के लिए बंद कर दी। खिड़गांव में दो और एड़ा गांव से एक बोरी बंधान हटाया। इससे सुक्ता नदी में पानी की गति बढ़ गई। एक ही दिन में करीब 18 किलोमीटर तक पानी आ गया। रात में जसवाड़ी तक पानी पहुंचने की उम्मीद है। बुधवार से पानी सप्लाई व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

खाली पड़ा सुक्ता स्टॉपडेम

महापौर-आयुक्त बोले
शहर के इन क्षेत्रों में होने लगी समस्या

संत रैदास, पदमकुंड वार्ड में गवली मोहल्ला, सांईराम नगर, गवली मोहल्ला भगतसिंह चौक, महालक्ष्मी माता वार्ड में आदर्श नगर व किराना दुकान क्षेत्र, खानशाहवली, घासपुरा, पंजाब कॉलोनी, अनमोल विहार, गणेश तलाई, इमलीपुरा के ट्यूबवेल बंद होने या जलस्तर कम होने से समस्या बढ़ गई है।
नर्मदा जल की पाइपलाइन का गैसकिट फटा, देरी से बंटा पानी
सिविल लाइंस क्षेत्र में सोमवार रात नर्मदा जल योजना की पाइपलाइन का गैसकिट फट गया। इसकारण रात 10.30 बजे यहां से टंकियों को भरने के लिए पानी सप्लाई रोक दी गई। सुबह 10.30 गैसकिट लगाने के बाद सप्लाई शुरू की गई। इससे शास्त्री नगर, लवकुश नगर क्षेत्र में देरी से पानी बंटा। शहर के मध्य क्षेत्रों में भी एक से डेढ़ घंटे देरी से पानी सप्लाई की गई। वहीं सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में पानी सप्लाई नहीं हो पाई।

26 ट्यूबवेल हो गए बंद, 14 में कम हुआ पानी
सुक्ता में पानी कम होने के साथ ही ट्यूबवेल बंद होने और जलस्तर कम होने से भी शहर में जलसंकट की स्थित बनने लगी है। 26 ट्यूबवेल बंद हो गए हैं। वहीं 14 में जलस्तर बहुत अधिक कम हो गया है। शहर में कुल 272 ट्यूबवेल से पानी सप्लाई की जाती है।

यह किया अफसरों ने

सोमवार रात 10.15 बजे फिर से नहर से नदी में पानी छुड़वाया। पानी सुबह भमराड़ी पुल तक पहुंचा था।

यहां से पानी आगे बढ़ाने के लिए निगम ने बिजली कंपनी से नदी किनारे की बिजली बंद करवाई।

किसानों को नदी से मोटर पंप हटाने की समझाइश दी गई। खिड़गांव में दो और एड़ा में एक बोरी बंधान हटाया गया।

दिनभर जलसंसाधन विभाग के एसडीओ पीके सोहनी, जल विभाग प्रभारी राजेश गुप्ता, संजय शुक्ला सहित अन्य अधिकारी गांव-गांव पहुंचे।
बिजली बंद करने से बढ़ी पानी की रफ्तार
सिंचाई की बिजली बंद कर दी है। इससे सुक्ता में छोड़े पानी की गति बढ़ गई। जसवाड़ी तक पानी पहुंचने के बाद बिजली चालू कर दी जाएगी। जल्द सुक्ता की लाइन में वॉल लगाकर नर्मदा से जोड़ा जाएगा। - सुभाष कोठारी, महापौर

संयुक्त रूप से कर रहे प्रयास
जसवाड़ी तक नदी में पानी पहुंचाने के लिए निगम और जलसंसाधन विभाग संयुक्त रूप से प्रयास कर रहा है। टीम को मौके पर भेजा है। रात तक पानी स्टॉपडेम तक पहुंचने की उम्मीद है। - जेजे जोशी, निगम आयुक्त

इसलिए कलेक्टर को करना पड़ा हस्तक्षेप
जल संसाधन विभाग ने निगम की मांग के बावजूद समय पर बांध से पानी नहीं छोड़ा था। बकाया राशि नहीं मिलने का बहाना बनाया। निगम ने बकाया देने का आश्वासन दिया तो बांध के गेट से पानी छोड़ा लेकिन गेट के लेवल तक पानी नहीं होने से नदी सूखी रही। नहर से पानी मांगने पर जलसंसाधन विभाग ने सिंचाई के लिए अधिक मात्रा में पानी छोड़ दिया। निगम अफसर मौके पर पहुंचे तो तीन दिन बाद नहर से कुछ मात्रा में पानी छोड़ा। इसे जसवाड़ी पहुंचने के पहले ही बंद कर दिया। इससे नदी में पानी आगे नहीं बढ़ सका। 9 दिन में जसवाड़ी का स्टॉपडेम पूरी तरह सूख गया। शहर में जलसंकट की स्थिति बनते देख कलेक्टर को हस्तक्षेप करना पड़ा।

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