230 ट्यूबवेल बंद करेगा निगम
शहरके 230 इलाकों में ट्यूबवेल बंद किए जाएंगे। इन सभी ट्यूबवेल की लाइन नर्मदा जल योजना से जोड़कर पानी सप्लाई की जाएगी। अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 307 ट्यूबवेल हैं। इनमें से 230 ऐसे हैं जिनके आसपास से अन्य पाइप लाइन हैं। इन लाइनों से ट्यूबवेल की लाइन जोड़कर नर्मदा जल का वितरण किया जाएगा। यह काम संभवत: एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। नर्मदा जल वितरण का दायरा बढ़ाने के लिए ट्यूबवेल बंद करने संबंधी निर्णय बुधवार को होगा। निगम आयुक्त बैठक में विश्वा के अफसरों के साथ जल वितरण का दायरा बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। सुक्ता फिल्टर प्लांट और ट्यूबवेल से शहर में पानी की सप्लाई की जाने से निगम पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। दो गुना खर्च वहन करना पड़ रहा है।
{ कंपनी को एमआईसी और परिषद द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार रनिंग बिल का भुगतान किया जाए।
{ पूर्व में कंपनी द्वारा किए गए जल वितरण के एवज में राशि का भुगतान किया जाए।
{ नर्मदा जल योजना के तहत जल वितरण का दायरा किन क्षेत्रों में पहले बढ़ाया जाए।
{ अवैध नल कनेक्शन वैध करने के लिए कार्रवाई की जाए।
{ योजना के शेष काम पूरे किए जाएं।
{ योजना की समयावधि बढ़ाकर पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया जाए।
चुनाव के कारण अटका था मामला
ट्यूबवेलबंद कर नर्मदा जल योजना की लाइन से जोड़ने का मामला चुनावी आचार संहिता के कारण अटका हुआ था। आचार संहिता खत्म होने के कारण यह काम फिर से शुरू किया जाएगा। इसके लिए एमआईसी और निगम परिषद पहले ही निर्णय ले चुकी है। निगम पाइप लाइनों को जोड़ने की सामग्री उपलब्ध कराएगा। पाइप लाइनों को जोड़ने का काम निगम और विश्वा द्वारा संयुक्त रूप से किया जाना है।
इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
तय करेंगे रणनीति
^नर्मदा जल वितरण का दायरा बढ़ाया जाएगा। पानी सप्लाई नर्मदा के साथ ही सुक्ता और ट्यूबवेल से किए जाने के कारण आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। करीब 50 लाख रुपए हर माह खर्च करना पड़ रहा है। बुधवार को योजना की समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा।^ -एसआरसोलंकी, निगमआयुक्त
^पानीसप्लाई का दायरा बढ़ाने के लिए एमआईसी और परिषद में निर्णय पहले ही हो चुका है। निगम मटेरियल उपलब्ध कराए तो हम लाइनें जोड़ देंगे। रनिंग बिल और पानी सप्लाई के बिल के भुगतान के साथ ही अन्य बिंदुओं पर बैठक में निर्णय लिए जाएंगे।^ -प्रवीणकुमार, प्रोजेक्टमैनेजर विश्वा