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- सिद्धांत शाश्वत है, वह बदलता नहीं मुनिश्री विशेषसागर महाराज
सिद्धांत शाश्वत है, वह बदलता नहीं - मुनिश्री विशेषसागर महाराज
मनुष्यअज्ञानता के चलते गलत कार्यो में लिप्त होता जा रहा है। ऐसा नहीं है कि मनुष्य में ज्ञान नहीं है लेकिन भौतिक विलासिता के चलते वह भटक रहा है। यह हमारी अज्ञानता रही कि परमात्मा ने जो कहा वह या तो हमने सुना नहीं। सुना तो समझ में नहीं आया। और यदि समझ में आया तो एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल दिया। हम मूर्ति को पकड़े हुए हैं। भगवान ने कभी मूर्ति स्थापित करने का नहीं कहा। बल्कि उन्होंने यह कहा कि यदि तुम वास्तविकता में भगवान को पाना चाहते हो तो उनके उपदेश को धारण करना। जो व्यक्ति धर्म नहीं समझता उपदेश उसको समझाने का एक तरीका है। यह बात मोघट रोड स्थित आदिनाथ जैन मंदिर में मंगलवार को प्रवचन देते हुए मुनिश्री विशेषसागर जी महाराज ने कही। निमाड़ के इतिहास में पहली बार गुरुवार को 248 मिनट की वृहद शांतिधारा मुनिश्री विशेषसागर जी महाराज के सान्निध्य में होने जा रही है।