पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मौला बोले- खूब बरकत हो

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
खंडवा। बोहरा समाज के 53वें दाई-उल-मुतलक हिज होलिनेस डॉ.सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन साहब गुरुवार शाम खंडवा पहुंचे। मौला की एक झलक पाते ही उपस्थित हजारों लोगों के आंसू छलक पड़े।

सैफी कॉलोनी से हरिगंज, सराफा बाजार, सन गली, टाउनहाल में मौला-मौला बस एक नजर मौला कहते बोहरा समाज के युवक, महिलाएं और बच्चे मौला के काफिले के पीछे दौड़े। दीदार के लिए बेताब समाजजन पर मौला ने नजरें इनायत की। शाम 6.10 बजे हरिगंज मस्जिद की इफ्तेताह के लिए पहुंचे। अरबी भाषा में लिखा हुआ वक्फनामा पढ़कर मस्जिद को अल्लाह के नाम किया। जिन लोगों ने मस्जिद के लिए जमीन दान की रुपए-पैसे खर्च किए, उनके हक में दुआएं की। मौला बोले यहां खूब बरकत हो, सब खुश ओ खुर्रम (जिंदगी में कोई परेशानी न होना) रहे। मेरे फरजंदों को हुसैन के गम के सिवाय खुदा पाक कोई गम न दें। दुआ के बाद मस्जिद नाम जक्वी (पवित्र) रखा गया। साथ ही पंधाना व धारणी के कुसुम कोट मस्जिद की इफ्तेताह कर नामकरण किया गया। शाम 6.55 बजे जक्वी मस्जिद से बाहर निकले। सैफुद्दीन भाई रुमालीवाला के मकान की खिड़की से मस्जिद के दीदार के दौरान मौला साहब ने कहा ये बहुत नफीस (सबसे जुदा) मस्जिद है। बाहर खड़े जायरीनों की खिड़की से सलामी कबूल की।

यहां पहुंचे आका मौला

हरिगंज क्षेत्र में बोहरा समाज की मस्जिद के अलावा सैफुद्दीन रुमालीवाला का एक मात्र मकान है। मौला ने यहां जाने की एक दिन पहले ही इच्छा जाहिर की। रुमालीवाला के घर 5 मिनट के लिए मौला पहुंचे। मौला के इस्तकबाल में थाली सजाई।

सन गली में खोजेमा भाई तेजाबवाला की बेटी खदीजा का निकाह इंदौर के हुसैन भाई के साथ हुआ। विशेष आग्रह पर सैयदना साहब ने दूल्हा-दुल्हन को निकाह पढ़ाकर दुआएं। तेजाबवाला परिवार ने मौला का आर्शीर्वाद लिया।

सन गली क्षेत्र में ही हकीम भाई बागलीवाला के मकान में सैयदना साहब 10 मिनट तक रुके। यहां दो घंटे पहले से ही समाज समाजजन एक झलक पाने के लिए खड़े हुए थे। मौला के दीदार पाने के लिए कई लोग गिरे। सड़क किनारे खड़े वाहन भी गिरे।

बुरहानी गार्ड ने संभाली व्यवस्था

सैयदना साहब सड़क मार्ग से बुरहानपुर से खंडवा आए। छैगांव माखन में स्वागत के लिए समाजजन पहुंच गए। बुरहानी गार्ड, स्काउट सहित अन्य कमेटियों के युवक मौला के वाहन के आगे बुलट से पाइलेटिंग करते हुए खंडवा तक आए। बुरहानी स्काउट के बच्चों ने बैंड बाजे से सलामी दी।

सैयदना साहब को उपाधि मिलेंगी

सैयदना साहब को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी द्वारा मास्टर ऑफ फिलासफी की उपाधि से नवाजा जाएगा। आमिल साहब शेख अब्बास भाई बुरहानपुरवाला ने बताया मौला साहब मंगलवार को खंडवा से हरदा के लिए रवाना होंगे। यहां से वे भोपाल, दिल्ली होते हुए अलीगढ़ जाएंगे। यहां आयोजित कार्यक्रम में उन्हें उपाधि से नवाजा जाएगा।

रशीद भाई ने जगह पर ही घूमा दी कार

सैयदना साहब अपनी स्पेशल मर्सटिज कार एमएच 01 टी 552 से खंडवा आए। हरिगंज में मस्जिद के पास छोटी सी जगह में कार ड्राइवर शेख रशीद (65) ने जगह पर कार का मुंह सराफा की ओर कर दिया। जिसे लोग देखते रह गए। शेख रशीद ने कहा वे 45 बड़े मौला डॉ. सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन साहब के समय से उनके निज वाहन चालक है। मौला के साथ रहते उन्हें 45 साल हो गए। देश सहित विदेश में भी वे मौला के साथ जाते हैं। रशीद ड्राइवर ब़ुरहानपुर के मकबूल पहलवान के बड़े लड़के हैं।


खबरें और भी हैं...