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संस्कृति का ज्ञान होगा तो बन सकेंगे अफसर
सर,आप प्रशासनिक सेवा में हैं। मैं यह जानना चाहती हूं कि संस्कृति का ज्ञान अफसर बनने में कैसे मददगार हो सकता है। हमें अच्छा पढ़ाया जा रहा है, लेकिन क्या ये हमें अफसर बना सकता है। गायत्री शक्तिपीठ में एसपी अमितसिंह से सोनिका मंडलोई ने यह सवाल पूछा। एसपी बोले, संस्कृति केवल ज्ञान नहीं देती राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत करती है। यही आगे चलकर मददगार होता है। वे जिलास्तरीय भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के विजेताओं के पुरस्कार वितरण समारोह में अतिथि थे। पूजा मावकर ने मंच से कविता सुनाई। मुख्य अतिथि द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश सुरभि मिश्रा ने विद्यार्थियों से प्रश्न किया, महानतम भारतीय संस्कृति होने के बावजूद देश में अपराधों की संख्या क्यों बढ़ रही है, यह विचारणीय है। अपराधों से लड़ने के लिए हमें आगे आना होगा। इसके पहले सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बीसी पांडेय ने कहा पाश्चात्य संस्कृति से जुड़े विदेशी शांति के लिए भारतीय संस्कृति की ओर रहे हैं। ऐसी परीक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थी संस्कृति की गहराइयों से परिचित हो सकते हैं। अध्यक्षता गोपाल पालीवाल ने की। इस दौरान संतोष पाटीदार, पीसी चौहान सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और गुरुजी मौजूद थे। 14 अक्टूबर को हुई परीक्षा के दौरान भारतीय संस्कृति से रूबरू होते हुए जिले की 9 तहसील के 46 हजार बच्चों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था। जिला संयोजक नंद किशोर गुप्ता जिला सचिव योगेश पाटीदार ने बताया कक्षा 5 से कॉलेजस्तर तक के विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। पुरस्कार वितरण के दौरान जिला स्तर के प्रावीण्य छात्रों के साथ ही खरगोन एवं गोगावां तहसील के छात्रों नकद राशि, प्रशस्ति पत्र साहित्य शील्ड देकर पुरस्कृत किया। इनके अलावा शिक्षकों को साहित्य देकर सम्मानित किया।
गायत्री शक्तिपीठ में एसपी अमितसिंह से सवाल पूछती सोनिका मंडलोई।