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जॉब छोड़ने वाले युवाओं से कारण जानने पहुंचेंगे अफसर
ट्रेनिंग-प्लेसमेंटके बाद अच्छा खासा जॉब छोड़ने वाले युवाओं की संख्या बढ़ रही है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। इसका कारण जानने अफसर युवाओं तक पहुंचेंगे। जीडीसी में शनिवार राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में आए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के फेकल्टी डॉ. मोहसिनुद्दीन ने भास्कर से चर्चा में यह बात कही। उनका कहना है एनआईआरडी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऑनलाइन कोर्स शुरू करने पर भी विचार कर रही है। खासकर ट्राइबल क्षेत्र के लिए युवाओं को इससे मदद मिलेगी। वे घर बैठे देश-दुनिया के जॉब और उनके लिए ट्रेनिंग ले सकेंगे। संगोष्ठी के दौरान उन्होंने युवाआें को तनाव से दूर रहने की सीख दी।
प्रतियोगिता, प्रतिस्पर्धा, लालच, आंशका, भय, चिंता, थकान और खींचतान से दुनिया में 90 फीसदी लोग तनाव में हैं। युवा का तनाव में रहना राष्ट्र के लिए चिंता का विषय बना है। डॉ. मोसिनुद्दीन की अध्यक्षता में युवाओं में बढ़ते तनाव चुनौतियां समाधान विषय पर दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हुआ। संगोष्ठी में पहले सत्र में 15 शोधकर्ताओं ने शोध प्रस्तुत किए। शोध के दौरान डॉ. दीनानाथ यादव ने विश्व की 17.5 फीसदी जनसंख्या भारत में निवास करने की ओर इशारा किया और 356 मिलीयन युवाओं को इस देश की संपत्ति बताया। उन्होंने कहा मादक पदार्थ युवाओं को नागिन की तरह निगल रहे हैं। तकनीकी सत्र में खंडवा, खरगोन, बड़वानी, इंदौर, धार, अजड़, ग्वालियर, रायसेन, हैदराबाद, नागपुर तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये हुए शोधार्थी विषय विशेषज्ञों ने शोध प्रस्तुत कर युवावर्ग की चिंता को इंगित किया। डॉ.सुनिल गोयल अंजड़ ने पीपीटी के जरिए विद्यार्थियों के सामने िवचार रखे। अध्यक्षता पीजी कॉलेज प्राचार्य डॉ.सुमित्रा वास्केल ने की।
जीडीसी में राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी को संबोधित करते डॉ. मोहसिनुद्दीन और अन्य।