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अपने बच्चों को बताएं कर्फ्यू देखने की चीज नहीं -कलेक्टर
शांति समिति सदस्यों को नहीं पता कौन-कौन हैं सदस्य
शहर आपका है। शांति व्यवस्था बनी रहे या अशांति हो, निर्णय आपको करना है। कानून पूरी तरह से काम कर रहा है। माहौल बिगाड़ने वाले किसी भी वर्ग के लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा। एक सप्ताह से असामाजिक तत्व व्यवस्थाएं बिगाड़ने में लगे हैं। प्रशासन ऐसे लोगों पर सख्ती से कार्रवाई करेगा। कोई भी धर्म नहीं सिखाता लड़ाई करना। अपने बच्चों को बताएं कर्फ्यू देखने की चीज नहीं होती। अफवाह और माहौल बिगाड़ने वालों को छोड़ेंगे नहीं। शनिवार शांति समिति की बैठक में यह बात कलेक्टर नीरज दुबे ने कही। एसपी अमितसिंह ने कहा किसी वर्ग के लोगों पर कार्रवाई के लिए सैकड़ों लोग थाने पहुंच जाते हैं। इससे व्यवस्था बिगड़ती है। कानून निष्पक्ष काम करता है। उन्होंने कहा 16 से 25 वर्ष के युवा लाठी और कर्फ्यू नहीं जानते। प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें। कुछ दिनों से नवग्रह मेले में असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने में लगे हैं।
समिति सदस्यों ने सोशल साइट्स और कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा शहर में अमन शांति कायम है, लेकिन कुछ लोग अशांति फैलाना चाहते हैं। सदस्यों ने कहा कुछ लोगों के बीच लेन-देन या अन्य छोटी बात से विवाद होता है। वे उसे धर्म से जोड़ देते हैं। इसका नुकसान सभी को होता है। बैठक में एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी, एसडीएम महेंद्र कवचे नपाध्यक्ष विपिन गौर, रणजीत डंडीर सहित पार्षद मौजूद थे। बैठक के बाद कलेक्टर,एसपी और एडीएम की बंद कमरे में आधे घंटे तक बैठक हुई।
{अवैध शराब के साथ सोशल साइट्स और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई हो।
{किसी भी वर्ग के लोग हो, कार्रवाई कड़ी हो, दोबारा ऐसे काम नहीं करें।
{पार्षद वार्ड से पुलिस और प्रशासन को गुप्त सूचना दें।
{स्कूल में सांप्रदायिकता की सूचना मिल रही है, पालकों और स्कूल प्रबंधन से चर्चा करना जरूरी।
{रात 11 बजे चौराहों पर लोगों का इकट्ठा होना बंद और कार्रवाई ठोस होना चाहिए।
{भाईचारे के लिए सब लोग एकता से रहें, अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर कार्रवाई कराएं।
{मोहल्ला, नगर और शांति समिति से निष्क्रिय लोगों को हटाएं।
{रात 10 बजे बाद विवाह समारोह या अन्य कार्यक्रम में डीजे बंद होना चाहिए।
{शांति समिति सदस्यों द्वारा शांति मार्च निकलें, मेले में भी पार्षदों का समूह घूमें।
{किराएदार का नाम थाने में दर्ज होना चाहिए।
{तनाव या विवाद के दौरान दोनों वर्गों के प्रमुख लोगों को पुलिस अपने साथ लेकर घूमें।
खरगोन|शांति समितिसदस्यों की बैठक में सदस्यों को दूसरे सदस्यों की जानकारी नहीं है। कुछ सदस्यों ने कहा सूचना पर हम बैठक में पहुंचते हैं। समिति में कितने और कौन सदस्य हैं, इसकी जानकारी नहीं है। कई सालों से समिति के सदस्य नहीं बदले हैं। ऐसे लोगों के नाम भी दर्ज हैं ,जो निष्क्रिय हैं। बैठक में अधिकांश लोगों ने बताया समिति में सक्रिय लोगों को शामिल करें तो तनाव या विवाद जैसी स्थिति बनें।
वरिष्ठ सदस्य अजीजुद्दीन शेख ने बताया मुझे भी समिति सदस्यों की जानकारी नहीं है। एक साल पहले तत्कालीन कलेक्टर डॉ. नवनीत मोहन कोठारी को अनवर जिंद्रान ने सक्रिय सदस्यों की समिति बनाने के लिए ज्ञापन दिया था। कार्रवाई अब तक नहीं हुई। भाजपा जिलाध्यक्ष रणजीत डंडीर ने कहा सक्रिय लोगों को समिति में रखना चाहिए। कई सालों से निष्क्रिय सदस्य शामिल है। उन्हें हटाना चाहिए। बैठक के लिए भी अनाधिकृत अधिकृत सदस्य है। अनाधिकृत सदस्यों को थाने से फोन पर सूचना दी जाती है और अधिकृत सदस्यों को पत्र भेजा जाता है।
पार्षद अल्ताफ आजाद ने बताया मुझे पांच साल से शांति समिति की बैठक के लिए कभी सूचना आई तो कभी नहीं दी। मुझे ही नहीं पता मैं समिति में सदस्य हूं या नहीं। सूचना आने पर बैठक में शामिल हो जाता हूं। सक्रिय सदस्यों को समिति में लेना चाहिए। इससे शांति अमन बना रहे।
पुनर्गठनप्रक्रिया जारी है
^शांतिसमिति के पुनर्गठन प्रक्रिया जारी है। इसके लिए एसडीएम को निर्देश दिए हैं। जल्द ही नई समिति बनाई जाएगी। -नीरजदुबे, कलेक्टर