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बीमारियों से निपटने दरवाजे पर हिंदी-उर्दू में लिखी दुआ
हाजी अब्दुल हमीद खान दुआ पढ़ते हुए।
स्वाइन फ्लू अन्य बीमारियों से बचाव का तरीका ढूंढा
सिटीरिपोर्टर | खरगोन
स्वाइनफ्लू और दूसरी घातक बीमारियों से बचने के लिए मुस्लिम समाज के लोग घरों के दरवाजों पर दुआ लिखी पढ़ रहे हैं। दुआ लगाने के लिए कोई हुक्म नहीं है, लेकिन शहर के कई घरों में पोस्टर पर दुआ लिखी गई है। समाजजनों का मानना है कि सुबह-शाम दुआ पढ़ने से घातक बीमारियों नहीं होंगी। शहर को मोहन टॉकिज क्षेत्र के कई घरों के दरवाजों पर दुआ लिखी गई है। यह दुआ स्वाइन फ्लू, एड्स, कुष्ठ रोग सहित कई बीमारियों को दूर करने के लिए है। समाजजन दिन की नमाज के बाद दुआ की कबूलियत के दौरान सुबह-शाम पढ़ते हैं। दुआ उर्दू और हिंदी दोनों में लिखी गई है। हाजी अब्दुल हमीद खान ने बताया यह अहम दुआ है। कई लोगों के घरों के दरवाजों पर लगाई है। दुआ से घातक बीमारियों दूर होती है। दिन में एक या उससे अधिक बार पढ़ा जाए। कई महीनों से हमारे दरवाजे पर दुआ लगी है। वर्तमान में जिलेभर में घातक बीमारी स्वाइन फ्लू का असर चल रहा है। इससे कुछ लोगों की मौत हुई है। इसके चलते लोग ज्यादा पढ़ रहे हैं। मुफ्ती मोहम्मद रफीक ने बताया उर्दू और हिंदी में दुआ लिखी है। यह हर बड़ी फैलने वाली घातक बीमारी के लिए है। अल्लाह मैं आप की पनाह चाहता हूं। बरस (कोढ़ की बीमारी) से जुजाम(एड्स) से और हर बुरी तकलीफ देने वाली बीमारी से बचाए।
मुफ्ती मोहम्मद रफीक ने बताया समाजजन दिन में कई बार दुआ पढ़ सकते हैं। दरवाजों पर दुआ लगाने का कोई हुक्म नहीं है, लेकिन घातक बीमारियों को दूर रखने के लिए लोग लगा सकते हैं। पैगंबर हजरत मुहम्मद स.अ.वसल्लम द्वारा अहम दुआ बताई गई थी।