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15 साल में नपा का पहला विशेष सम्मेलन, 8 फीट गहरी होगी कुंदा नदी, घाट बनाए जाएंगे

5 वर्ष पहले
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कुंदा के सौंदर्यीकरण को लेकर नगरपालिका द्वारा बुधवार को विशेष सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें दो घंटे में 43 करोड़ के तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। कुंदा पर बने पुराने पुल से मुक्तिधाम के बीच सौंदर्यीकरण होगा। नदी को 8 फीट गहरा कर इसके किनारों को निखारा जाएगा। पानी सहेजने के लिए स्टॉपडेम व किनारों पर घाट बनेंगे। लोगों के टहलने के लिए फुटपॉथ और आकर्षक लाइटिंग होगी। परिषद का यह पहला विशेष सम्मेलन था। अध्यक्षता नपाध्यक्ष विपिन गौर ने की। इसमें परिषद ने कुंदा शुद्धिकरण व गहरीकरण के अलावा अंडर ग्राउंड सीवर लाइन डक्ट की लंबाई बढ़ाने व डायवर्सन रोड विकास के दूसरे फेस के कामों को भी परिषद ने मंजूरी दी।

नपा सीएमओ निशिकांत शुक्ला ने बताया केंद्र सरकार की नदी संवारो योजना में कुंदा नदी के लिए 43.21 करोड़, डायवर्सन रोड विकास कार्य के लिए 2 करोड़ 38 लाख व अंडर ग्राउंड सीवर लाइन में 23 लाख के अतिरिक्त कार्यों का प्रोजेक्ट तैयार किया गया। इन कामों को जिला योजना समिति की बैठक मे स्वीकृत मिल चुकी है। परिषद की मंजूरी के लिए विशेष सम्मेलन बुलाया गया। सम्मेलन बाद नपाध्यक्ष गौर ने कहा, कुंदा सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव राज्य शासन के माध्यम से केंद्र को भेजा जाएगा। कोशिश होगी कि शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडु को जिले के दौरे में प्रोजेक्ट सौंपेंगे। आगामी छह माह में प्रोजेक्टर पर काम शुरू होने की उम्मीद है।

विशेष सम्मेलन : 2 घंटे में 46 करोड़ के 3 प्रस्ताव मंजूर
प्रस्ताव 2 : लागत - करीब 23 लाख

प्रस्ताव 3 : लागत - 2 करोड़ 38 लाख

प्रस्ताव 1 : लागत - 43.21 करोड़

अंडरग्राउंड डक्ट : लंबाई बढ़ेगी
डायवर्शन रोड पर फुटपाथ बनेगा
कुंदा गहरीकरण व सौंदर्यीकरण
अभी यह है हालात - गंदे पानी के दर्जनभर नाले कुंदा नदी को प्रदूषित कर रहे हैं। नालों को डक्ट से शहर से बाहर करने के लिए 15 टेंडर निरस्त हुए। 1.16 करोड़ से 850 मीटर डक्ट के लिए 16वां टेंडर 2 माह पहले पास हुआ। इसमें 9 नालों को जोड़ना प्रस्तावित है। इसकी लंबाई बढ़ाई जाएगी। यह नदी के ऊपरी हिस्से में पहाड़सिंहपुरा व निचले हिस्से में मुक्तिधाम तक की कुल लंबाई किया जाना है।

प्रस्तावित काम - डक्ट की लंबाई पहाड़सिंहपुरा व मुक्तिधाम की जाएगी। इसमें 12 से अधिक नालों को जोड़ा जाएगा। नालों का पानी मुक्तिधाम के आगे नदी में छोड़ेंगे। 24 चैंबर बनेंगे। इनसे कुड़ा-करकट अलग करेंगे।

अभी यह है हालात - मुख्यमंत्री अधोसंरचना से गायत्री मंदिर से गौरीधाम कार्नर तक सड़क के दोनों और नाली व फुटपॉथ बना है। गौरीधाम कार्नर से नए पुल तक पैवर लगाने के लिए 1 करोड़ 12 लाख का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। इसमें बदलाव किया गया।

प्रस्तावित काम - डायवर्सन रोड पर 131 लाख रुपए की लागत से सड़क के दोनों ओर दो मीटर चौड़ा और साढ़े तीन मीटर चौड़ा फुटपॉथ बनेगा। इसमें 68 लाख से पैवर और 40 लाख रुपए की लागत से नए पुल तक सड़क के दोनों ओर दो मीटर चौड़ी कांक्रीटिंग होगी।

अभी यह है हालात - कुंदा नदी का पानी सूखने से गाद और काई जमा हो चुकी है। थोड़ा सा जलस्तर कम होने से नदी का तल दिखाई देने लग जाता है। नदी के दोनों किनारों को सुंदर बनाने के कई दावे किए गए हैं। लेकिन अब तक कोई काम नहींं हो पाया।

प्रस्तावित काम - पुराने और नए पुल के बीच नदी को आठ फीट गहरा किया जाएगा। करीब 33 करोड़ से स्टॉपडेम व अन्य निर्माण होंगे। नदी के दोनों किनारों पर 4 करोड़ से घाट निर्माण होगा। इसमें लाइटिंग भी की जाएगी। किनारों पर बगीचा और फुटपॉथ भी तैयार होगा।

एक्सपर्ट व्यू- इसलिए बढ़ रहा है कुंदा में प्रदूषण

पीजी कॉलेज के रसायन विभागाध्यक्ष अशोक गुप्ता के मुताबिक कुंदा पहाड़ी नदी है। बाढ़ आने पर मिट्‌टी, पत्थर व बड़े पैमाने पर वनस्पति को बहाकर लाती है। यह बाढ़ बाद किनारों पर छूट जाता है। इसके अलावा शहर के नालों का सालभर गंदा पानी व प्लास्टिक नदी में मिलता है। बारिश बाद नदी का प्रवाह थमने के साथ ही नालों का पानी प्रदूषण फैलता है। हर साल गंदगी बढ़ रही है। नदी सौंदर्यीकरण के लिए अभी तक ठोस योजना साकार नहीं हो पाई।

15 साल में पहला विशेष सम्मेलन
नगर पालिका के 15 साल के इतिहास में यह पहला विशेष सम्मेलन है। पूर्व नपाध्यक्ष मनमोहनसिंह चावला का मानना है 1958 से 1988 के बीच ऐसा मौका नहीं आया। हालांकि तीन दिन के नोटिस पीरियड में किसी विशेष काम के प्रस्ताव भेजने के लिए परिषद में सम्मेलन बुलाए जाते हैं। नपाध्यक्ष गौर का कहना है 15 साल के इतिहास में यह पहला विशेष सम्मेलन है। नपा अधीक्षक कार्यालय के मुताबिक पहले भी एक-दो मौकों पर विशेष सम्मेलन बुलाए थे।

इन पर पार्षदों ने जताई नाराजगी
विशेष सम्मेलन में पार्षदों ने साधारण सम्मेलन की लंबी खेंच पर आपत्ति ली। पार्षद विकास पुलोरिया व अयाज अली ने कहा 60 दिन के बाद भी साधारण सम्मेलन नहीं होता है। सीएमओ शुक्ला ने सम्मेलन में रखने के लिए विषय व एजेंडाें की कमी का हवाला दिया। पार्षद अल्ताफ आजाद ने पीआईसी की बैठक में स्वीकृत 6 कामों के न्यूनतम दर में स्वीकृति पर ठेकेदारों से मिलीभगत की आशंका जताकर जांच की मांग की। आजाद ने कहा नपा के कुछ काम टेंडर दरों से 12 प्रतिशत कम व कुछ 10 प्रतिशत अधिक पर स्वीकृत हो रहे है। इसमें गड़बड़ी हो रही है।

विशेष सम्मेलन में प्रस्तावित मुद्दाें पर चर्चा करते पार्षद।

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