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4 साल में पहली बार फरवरी में पारा 30 डिग्री पार

5 वर्ष पहले
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मौसम निदेशक ने मार्च बाद 45 डिग्री से ज्यादा तापमान की आशंका जताई, अलनीनो प्रभाव के कारण बदल रहा है मौसम
मौसम
अलनीनो प्रभाव के कारण मौसम में लगातार बदलाव आ रहा है। शनिवार को दिन में पारा 31.9 डिग्री पर पहुंच गया। फरवरी में चार साल में यह पहली बार पारा 30 डिग्री के पार हुआ है। मौसम निदेशक डॉ. अनुपम काश्यपि के अनुसार अब भी अलनीनो का प्रभाव बना हुआ है। इससे तापमान बढ़ रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 31.9 व न्यूनतम 13.5 डिग्री दर्ज किया गया। फरवरी में ही तपन से लोग बच रहे हैं। युवतियां धूप से बचने के लिए स्कार्फ व दुपट्टे का सहारा ले रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 20 या 25 फरवरी के बाद तापमान 30 डिग्री के पार होता है। चार साल पहले 23 फरवरी 2012 को तापमान 33.5 व न्यूनतम 13.4 डिग्री दर्ज किया गया था।

ठंड कम पड़ने से फसलों पर असर, जलस्तर भी कम हुआ
ठंड कम पड़ने से गेहूं की फसल की बढ़वार नहीं हुई। समय से पहले बालियां बनकर पकने लगी। कृषि विभाग के डीडीओ सीएल केवड़ा के अनुसान उत्पादन में कमी आ सकती है। फसल को पकने के लिए 25 डिग्री से कम तापमान होना चाहिए। जबकि 25 डिग्री या इससे अधिक तापमान है। उधर, वॉटर वर्क्स में जलस्तर कम हो रहा है। फिलहाल 2.70 फीट पानी है। आधा मीटर कम है। एक सप्ताह में एक मीटर की कमी हो सकती है। इससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नपा के जल प्रभारी सरजू सांगले ने कहा देजला देवड़ा में पानी छोड़ने की मांग की है।

यह है अलनीनो प्रभाव, अप्रैल-मई में 45 डिग्री
अलनीनो स्पैनिश भाषा का शब्द है। ऊष्ण कटिबंधीय प्रशांत के भू-मध्यीय क्षेत्र के समुद्र के तापमान व वायुमंडलीय परिस्थितियों में आए बदलाव के लिए उत्तरदायी समुद्री घटना को अलनीनो कहा जाता है। समुद्र के सतही जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। इससे तापमान बढ़ रहा है। मौसम निदेशक के अनुसार अलनीनो का करण ही मार्च तक बदलाव होते रहेंगे। इसके साथ ही अप्रैल-मई में 45 डिग्री से ज्यादा तापमान होगा।

वर्ष अधि. न्यूनतम

2013 27.2 13.2

2014 25.2 14.2

2015 28.4 9.6

2016 31.9 13.5

13 फरवरी का पारा
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