भजनों पर मगन हुए भक्त
कीर्तनकी है रात बाबा आज थाने आणो है...कीर्तन की रात..जैसे भजनों के बीच कृषि उपज मंडी से उठी स्वर लहरियों ने पूरे शहर में भक्ति रस घोल दिया। श्री खाटू श्याम वंदना महोत्सव के तहत बुधवार रात 10.30 बजे जयपुर से आए भजन गायक लोकेंद्र शर्मा ने मेरे लाड़ले गणेश प्यारे, भोले की आंखों के तारे, देवा हो देवा गणपति देवा गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद श्रीराम भक्त के गुण गाए। पितरों को मनाने में भी कसर नहीं छोड़ी। पितर जी हाथ थारो, मनावा थाने आज के बाद खाटू नरेश के जयकारों के बीच देर रात तक भजनों की स्वर लहरियां गूंजती रही। जयपुर के संजय पारीक संजय सेन सूरजगढ़ ने भक्तों को बांधे रखा। श्री पारीक ने इतनी कृपा संवारे बनाए रखना..। भजनों की भूख को बनाए रखना..। खाटू वाले पकड़ों मेरा हाथ रे..। मैं भी चरणों का हंू दास रे..। जैसे भजन सुनाए। कन्नौज (उप्र) से 11 लीटर केसर-गुलाब इत्र से साक्षी बने श्रद्धालुओं पर पावर पंप से स्प्रे किया गया। हर दस मिनट में मंच का रंग कभी सफेद तो कभी पीला हो गया। श्रीखाटू श्याम सेवक परिवार संघ के करीब 100 से ज्यादा सेवक व्यवस्था में लगे रहे। इसके पहले बुधवार सुबह विश्वसखा कॉलोनी से महोत्सव स्थल कृषि उपज मंडी तक शोभायात्रा निकाली गई। इसमें शामिल श्याम सेवक संघ सदस्य रास्ते को बुहारते चल रहे थे। भजनों में शामिल श्रद्धालुओं काे केसर, गुलाब सहित 12 से ज्यादा फूलों से बने इत्र से सराबोर िकया गया।
ये रहा खास
{आरतीके वक्त मंच पर कोल्ड फायरिंग की गई। {शाॅर्पी लाइट से आकाश में बनाया इंद्रधनुष। {ड्रायफ्रूट्स फूलों की करीब 100 मालाएं आई। {बाबा की ज्योत के दर्शन भक्तों ने कतार में लगकर िकए।
आकर्षक फूलों के बंगले में सजे भगवान खाटू श्याम।
खाटू श्याम सेवक संघ के सैकड़ों अनुयायियों ने जयपुर के गायक लोकेंद्र शर्मा के भजनों का आनंद उठाया। देररात तक भजनों की प्रस्तुति चलती रही।