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हर साल 10 दिन रहते हैं घर से दूर, 260 किमी साइकिल से सफर करते हैं
गजघटटी,दसंगा का जुगल सावनेर। हर साल 10 दिन घर से दूर रहता है। साइकिल से करीब 260 किमी का सफर करता है। शुरुअात बड़वाह से समापन भी यहीं। जुगल के परिवार में एक बेटी, दो बेटे हैं। बेटी का विवाह हो गया है। बेटे अभी छोटे हैं। जुगल ने कहा शांति की तलाश में 2003 में पहली बार बड़वाह से आेंकारेश्वर होता हुए शिखरधाम नागलवाड़ी पहुंचा। िफर तो हर साल यह क्रम बन गया। 12 साल से साइकिल लिए वह शांति तलाश रहा है। अब तक 3120 किमी साइकिल चला चुका है। पेशे से मजदूर जुगल ने यात्रा के लिए साइकिल काे अलग तरीके से सजाया है। रुपए नहीं थे इसलिए नाग, ित्रशुल खुद ही बना लिए। ठहरने, खाने की चिंता नहीं। जहां भी शाम हो जाती है, रूक जाता है। कोई भक्त मिले तो ठीक नहीं तो मंिदर या धर्मशाला में रात गुजार सुबह अपनी मंजिल की ओर रवाना हो जाता है। िशखरधाम से दर्शन कर वह जुलवानिया, धामनोद, इंदौर, उज्जैन होते हुए बड़वाह आता है।