भ्रमण पर निकले श्रीनवग्रह
पालकीमें विराजे श्रीनवग्रह भगवान ने ठाठ से मेला भ्रमण किया। मेला गेट पर नपा अफसर व्यापारियों ने पूजन कर अगवानी की। जगह-जगह पालकी पूजन किया। मेले में आए लोगों ने भी दर्शन किए। पालकी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस सेवादार थे। पालकी के आगे बैंड पीछे वाहन से प्रसादी वितरण हुआ।
गुरुवार दोपहर श्रीनवग्रह का मंदिर के गर्भगृह में विशेष पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद फूलों से सुसज्जित पालक में ढोल-ताशों की गूंज के बीच श्रीनवग्रह देवता ने मेला क्षेत्र पहुंच भक्तों के हाल जाने। यहां नगरपालिका अफसरों ने पालकी पूजन किया। व्यापारियों लोगों ने श्रीनवग्रह का पूजन कर आशीर्वाद लिया। श्रीनवग्रह महाराज का डोला मेले के अंतिम सप्ताह में साप्ताहिक हाट (बाजार) के दौरान निकाला जाता है। पालकी यात्रा के मंदिर पहुंचने पर आतिशबाजी की गई।
128साल से है पालकी परंपरा: पालकीयात्रा 1887 से निकल रही है। मेले के पांचवें गुरुवार निकालते हैं। मेला समापन के पहले आने वाले गुरुवार को साप्ताहिक हाट के दिन भगवान पालकी में सवार होकर व्यापारी आमजन को दर्शन देते हैं।
पालकी में विराजे श्रीनवग्रह भगवान ठाठ से मेला भ्रमण पर निकले। लोगों ने पूजा-अर्चना की।